आगरा। जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत जनपद में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य शुरू हो चुका है। रविवार को विशेष अभियान के तहत प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर मकानों को नंबर देंगे और उनकी सूची तैयार करेंगे। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मनीष बंसल ने आमजन से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें। अभियान 22 मई से 20 जून तक संचालित किया जाएगा और इसके लिए जनपद में 10 हजार से अधिक प्रगणक, सुपरवाइजर और अन्य कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है।
जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत जनपद में मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और मकान गणना का कार्य शुरू हो गया है। इस अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन की ओर से सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर मकानों को नंबर देने और सूचीकरण का कार्य करें।
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मनीष बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 22 मई से शुरू किया गया है, जो 20 जून तक चलेगा। इस अवधि के दौरान प्रगणकों द्वारा प्रत्येक मकान की जानकारी एकत्रित की जाएगी और संबंधित मकानों को क्रमवार नंबर भी दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि रविवार के दिन विशेष अभियान संचालित करने का निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि अवकाश के दिन अधिकांश लोग अपने घरों पर मौजूद रहते हैं। इससे मकान सूचीकरण का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा और लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को घर-घर जाकर सूचीकरण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइजर घरों तक पहुंचकर मकानों को नंबर देंगे तथा उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्रित कर सूची तैयार करेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह प्रक्रिया आगामी जनगणना कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी।
गौरतलब है कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत जनपद के प्रमुख ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध स्थलों से की गई थी। अभियान के पहले दिन ताजमहल, लाल किला और फतेहपुर सीकरी सहित अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की लिस्टिंग कर इसकी शुरुआत की गई थी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रियाओं में से एक है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग विकास योजनाओं के निर्माण, सरकारी नीतियों के निर्धारण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि इस कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस चरण से पहले 7 मई से 21 मई तक स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी, जिससे लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते थे। इसके बाद अब मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य सीधे घर-घर पहुंचकर किया जा रहा है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। ऐसे में सभी नागरिकों को इसमें सहयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब प्रगणक और सुपरवाइजर उनके घर पहुंचें तो वे सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे।
प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि पूरे जनपद में इस कार्य को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जनगणना कार्य के लिए 10 हजार से अधिक प्रगणक, सुपरवाइजर और अन्य कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
रविवार को चलाया जाने वाला विशेष अभियान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस दिन बड़ी संख्या में घरों का सूचीकरण कार्य पूरा किया जा सकेगा। प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।
