फतेहाबाद। पूठपुरा में शुक्रवार सुबह एक पागल कुत्ते ने अचानक हमला कर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों में दहशत फैला दी। लंच ब्रेक के दौरान स्कूल परिसर के बाहर खेल रहे बच्चों को निशाना बनाने के बाद कुत्ते ने कई ग्रामीणों पर भी हमला कर दिया। हमले के बाद कुत्ता पास के गांव नगला लोहिया पहुंच गया, जहां उसने तीन वर्षीय मासूम को भी काट लिया। घटना में कुल नौ लोग घायल हुए, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।

थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव पूठपुरा में शुक्रवार सुबह एक पागल कुत्ते ने अचानक आतंक मचा दिया। कुत्ते ने पहले निजी विद्यालय के बाहर लंच ब्रेक के दौरान खेल रहे बच्चों पर हमला किया और इसके बाद रास्ते में मिले कई ग्रामीणों को भी काट लिया।
लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों की मदद से कुत्ते को वहां से भगाया, लेकिन वह पास के गांव नगला लोहिया पहुंच गया, जहां उसने एक तीन वर्षीय मासूम को भी अपना शिकार बना लिया। घटना में कुल नौ लोग घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहाबाद में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह विद्यालय में लंच का समय था। बच्चे स्कूल परिसर के बाहर और आसपास खेल रहे थे। तभी अचानक एक पागल कुत्ता वहां पहुंच गया और बिना किसी उकसावे के बच्चों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कुत्ते ने एक-एक कर कई बच्चों को काट लिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हमले में धर्मवीर पुत्र ब्रजराज (12 वर्ष), नीरज पुत्र राजेंद्र निवासी पूठपुरा, रजत पुत्र हरिओम (7 वर्ष), सोनू पुत्र साहब सिंह, मोनिका पुत्री सिद्धार्थ, नाहर सिंह पुत्र कालीचरन निवासी पूठपुरा, नीरज पुत्र राजेंद्र निवासी पिन्नापुरा तथा शिवकुमार पुत्र अशोक निवासी चर्रपुरा घायल हो गए। ग्रामीणों के पहुंचने पर कुत्ता वहां से भाग निकला।
ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ता पूठपुरा से भागकर पास के गांव नगला लोहिया पहुंच गया। वहां खेल रहे देवांश पुत्र राकेश (3 वर्ष) पर भी उसने हमला कर दिया। मासूम के रोने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कुत्ता वहां से भी भाग निकला। लगातार दो गांवों में लोगों पर हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग बच्चों को घरों से बाहर निकलने से रोकते नजर आए।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई। चिकित्सकों ने घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई है, हालांकि सभी को निर्धारित समय पर वैक्सीन की पूरी डोज लेने की सलाह दी गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उन्हें पकड़ने या नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पागल और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं घटना के बाद पूरे गांव में बच्चों और अभिभावकों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं और गांव में पागल कुत्ते की तलाश भी जारी है।

