आगरा। आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाने को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को थाना सिकंदरा परिसर में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में गणेशोत्सव आयोजकों, मंदिर समितियों, पार्षदों, ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों के साथ पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति लेकर निर्धारित स्थल पर ही पंडाल लगाने, ध्वनि मानकों का पालन करने और रात में निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करने की अपील की। विसर्जन जुलूस के रूट की पूर्व जानकारी पुलिस को देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया। अधिकारियों ने साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी विभागीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
12 सितंबर 2026 को थाना सिकंदरा परिसर में आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव ने की। इसमें एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद, नायब तहसीलदार अनिल चौधरी और थाना प्रभारी सिकंदरा राजीव त्यागी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र में गणेशोत्सव से जुड़े आयोजकों और विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य गणेश चतुर्थी के दौरान क्षेत्र में पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर लोगों से संवाद करना रहा। अधिकारियों ने आयोजन से जुड़े लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने और पर्व के दौरान ऐसी व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, जिससे धार्मिक आयोजन में किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक में पंडाल स्थापना से लेकर ध्वनि व्यवस्था और विसर्जन जुलूस तक से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लोगों को जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए निर्धारित स्थल पर ही पंडाल लगाया जाए। इसके लिए पहले से अनुमति लेना आवश्यक होगा। आयोजकों से कहा गया कि वे अनुमति की प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्धारित स्थान पर ही आयोजन करें। इससे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी और संबंधित विभागों के लिए भी आवश्यक इंतजाम करना आसान रहेगा।

ध्वनि व्यवस्था को लेकर भी आयोजकों को नियमों का ध्यान रखने के लिए कहा गया। बैठक में डीजे की आवाज निर्धारित ध्वनि मानक के अनुरूप रखने की अपील की गई। इसके साथ ही रात में निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करने के लिए भी कहा गया। अधिकारियों ने पर्व के दौरान ध्वनि से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को जरूरी बताया, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की असुविधा की स्थिति न बने।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। आयोजकों से कहा गया कि विसर्जन जुलूस जिस मार्ग से निकाला जाना है, उसकी पूर्व जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जाए। रूट की जानकारी पहले से मिलने पर पुलिस की ओर से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा सकेंगे। आयोजकों से जुलूस से संबंधित जानकारी समय से साझा करने की अपील की गई।
बैठक में अफवाहों से बचने की भी अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए और किसी सूचना को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाया जाए। क्षेत्र में यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य पर्व के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना है।
एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े इंतजामों के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। पर्व के दौरान इन व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए विभागों को आवश्यक कार्य करने को कहा गया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों से भी प्रशासन की ओर से तय व्यवस्थाओं और नियमों का पालन करने की अपील की।
एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद ने बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और पर्व के दौरान सभी को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों से पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने और आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराने की अपील की, जिससे सुरक्षा एवं यातायात से जुड़े इंतजामों को व्यवस्थित रखा जा सके।
बैठक में मौजूद गणेशोत्सव आयोजकों और समितियों के प्रतिनिधियों के साथ पार्षदों, ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों ने भी पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ संवाद किया। पीस कमेटी की बैठक के माध्यम से प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों के बीच समन्वय बनाने पर जोर रहा। अधिकारियों ने पर्व के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने को महत्वपूर्ण बताया।
गणेश चतुर्थी के दौरान प्रतिमा स्थापना और पंडाल लगाने से लेकर ध्वनि व्यवस्था तथा विसर्जन जुलूस तक अलग-अलग स्तर पर निर्धारित व्यवस्थाओं का ध्यान रखने की अपील की गई। आयोजकों से कहा गया कि प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति लेकर निर्धारित स्थान का ही इस्तेमाल करें। डीजे की ध्वनि तय मानकों के अनुरूप रखें और रात में निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न करें। विसर्जन जुलूस के रूट की जानकारी पुलिस को पहले से देने के साथ किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने पर्व को लेकर आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों से कहा गया कि गणेश चतुर्थी को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए। किसी भी तरह की अफवाह से बचते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग किया जाए। वहीं आयोजन से जुड़े लोगों को अनुमति, ध्वनि मानक और विसर्जन जुलूस के रूट से संबंधित व्यवस्थाओं का पालन करने के लिए कहा गया।
बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने गणेश चतुर्थी पर्व को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाने का संकल्प लिया। पुलिस-प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े इंतजामों के लिए विभागों को निर्देशित किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आयोजन समितियों और स्थानीय लोगों ने पर्व के दौरान व्यवस्थाओं में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई।
