आरती थाल और बंधनवार सज्जा प्रतियोगिता में महिलाओं ने दिखाई रचनात्मकता
आगरा। कमला नगर स्थित ब्रज लीला बैंकट हॉल में अग्रमिलन समिति की ओर से नंदोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को आकर्षक ढंग से सजाकर झूले में विराजमान कराया गया। महिलाओं ने भक्ति भाव से कान्हा के झूले को झुलाया और मंगल गीत गाकर नंदोत्सव की खुशियां मनाईं। कार्यक्रम के दौरान आरती थाल सज्जा और बंधनवार प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। भक्ति संगीत और कृष्ण जन्म से जुड़े भजनों के बीच महिलाओं ने नृत्य किया और उत्सव का आनंद साझा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष उपमा गुप्ता और पार्षद कंचन पवन बंसल ने दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही आयोजन का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके बाद कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन किए और नंदोत्सव की परंपरा के अनुरूप भक्ति भाव के साथ उत्सव में भाग लिया।
अग्रमिलन समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नंदोत्सव को विशेष बनाने के लिए महिलाओं के लिए विभिन्न गतिविधियां भी रखी गई थीं। कार्यक्रम संयोजक शिल्पी गर्ग ने बताया कि नंदोत्सव के अवसर पर आरती थाल सज्जा और बंधनवार प्रतियोगिता आयोजित की गई। दोनों प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और सजावट के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता तथा कलात्मक रुचि को सामने रखा।
आरती थाल सज्जा प्रतियोगिता में महिलाओं ने पूजा की थालियों को आकर्षक तरीके से सजाया। अलग-अलग तरह की सजावट के माध्यम से प्रतिभागियों ने आरती के थाल को सुंदर रूप देने का प्रयास किया। वहीं बंधनवार प्रतियोगिता में भी महिलाओं ने रंग-बिरंगी बंधनवार तैयार कीं। सजावट में दिखाई गई विविधता ने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ रचनात्मकता का रंग भी दिखाई दिया।
नंदोत्सव के मुख्य आकर्षण में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सजाकर झूले में विराजमान कराना रहा। कान्हा के बाल स्वरूप को सुंदर ढंग से सजाया गया था। झूले में विराजमान बाल कृष्ण के सामने महिलाओं ने श्रद्धा के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। एक के बाद एक महिलाओं ने कान्हा के झूले को झुलाया और मंगल गीत गाए। इस दौरान वातावरण में भक्ति का भाव नजर आया।
श्रीकृष्ण जन्म की खुशी से जुड़े भजनों ने आयोजन को और उत्सवपूर्ण बना दिया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे भजनों का गायन किया। कृष्ण जन्म की खुशी को गीतों के माध्यम से व्यक्त करते हुए महिलाओं ने उत्सव में भाग लिया। भक्ति संगीत के बीच कई महिलाएं नृत्य करने लगीं। गीत-संगीत और नृत्य के साथ कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने नंदोत्सव की खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा कीं।
आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी प्रमुख रूप से दिखाई दी। नंदोत्सव के दौरान पूजा-अर्चना से जुड़े आयोजन के साथ प्रतियोगिताओं को शामिल किए जाने से कार्यक्रम में अलग-अलग गतिविधियां देखने को मिलीं। आरती थाल सज्जा और बंधनवार तैयार करने में महिलाओं ने अपनी रचनात्मक सोच का परिचय दिया। वहीं कान्हा के झूले को झुलाने और मंगल गीत गाने के दौरान श्रद्धा और भक्ति का भाव दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से होने के बाद नंदोत्सव की गतिविधियां आगे बढ़ीं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को झूले में विराजमान कराने के बाद महिलाओं ने भक्ति गीतों के साथ उत्सव में सहभागिता की। कृष्ण जन्म की खुशी से जुड़े गीतों ने आयोजन को उत्सवी माहौल दिया। महिलाओं ने भजनों के साथ नृत्य किया और कार्यक्रम के दौरान उल्लास साझा किया।
अग्रमिलन समिति के इस आयोजन में महिलाओं के लिए रखी गई प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को रचनात्मक स्वरूप दिया। आरती थाल सज्जा में पूजा से जुड़ी वस्तुओं को आकर्षक ढंग से सजाने पर प्रतिभागियों ने ध्यान दिया। बंधनवार प्रतियोगिता में रंग-बिरंगी सजावट तैयार की गई। दोनों गतिविधियों के जरिए महिलाओं ने अपनी कला और सजावट की रुचि को सामने रखा। आयोजन में शामिल लोगों के बीच इन गतिविधियों को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
नंदोत्सव के धार्मिक पक्ष के साथ कार्यक्रम में सामूहिक सहभागिता भी देखने को मिली। महिलाओं ने एक साथ भजन गाए, कान्हा के झूले को झुलाया और नृत्य कर उत्सव की खुशियां मनाईं। श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में गाए गए मंगल गीतों ने कार्यक्रम को भक्ति से जोड़े रखा। ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे भजनों के साथ महिलाओं ने उत्सव में अपनी भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम संयोजक शिल्पी गर्ग के अनुसार नंदोत्सव के अवसर पर आरती थाल सज्जा और बंधनवार प्रतियोगिता आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। महिलाओं ने दोनों प्रतियोगिताओं में अपनी रचनात्मकता दिखाई। आकर्षक ढंग से सजाए गए आरती के थाल और रंग-बिरंगी बंधनवार इस आयोजन में महिलाओं की कलात्मक अभिरुचि का हिस्सा बनीं।
कार्यक्रम में संगीता, अंजली, हाशी, पायल, ममता, कविता, प्रीति, अनीता और ज्योति सहित अन्य महिलाएं प्रमुख रूप से मौजूद रहीं। सभी ने नंदोत्सव के आयोजन में सहभागिता की। भक्ति गीतों के बीच कान्हा के झूले को झुलाने, मंगल गीत गाने और नृत्य करने के साथ महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी को उत्सव के रूप में मनाया।
दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम कृष्ण भक्ति से जुड़े गीत-संगीत, झूला झुलाने और प्रतियोगिताओं के माध्यम से आगे बढ़ा। महिलाओं की भागीदारी से नंदोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ उल्लास और रचनात्मकता का संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को झूले में विराजमान कराकर श्रद्धा के साथ झुलाने और मंगल गीत गाने की परंपरा के बीच महिलाओं ने पूरे उत्साह से आयोजन का आनंद लिया।
