आगरा। ट्रेन संचालन के दौरान किसी भी असामान्य परिस्थिति में बरती गई छोटी सी लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। इसे लेकर उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी राघवेंद्र के शर्मा ने शनिवार को आगरा मंडल की क्रू बुकिंग लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद मंडल कार्यालय में लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों और मुख्य लोको निरीक्षकों के साथ संरक्षा सेमीनार में सुरक्षित रेल संचालन के नियमों का पालन करने और अवपथन, ग्रेडिएंट सेक्शन में गाड़ी खड़ी होने, लोड व लोको स्टेबलिंग तथा सिगनल की अनुपालना जैसी परिस्थितियों में निर्धारित सावधानियां बरतने की जानकारी दी। उन्होंने रनिंग स्टाफ से संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें भी सुनीं तथा उनके समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
12 सितंबर को प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी राघवेंद्र के शर्मा ने आगरा मंडल की क्रू बुकिंग लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर की कार्यप्रणाली को देखा। साथ ही रनिंग रूम में रेल कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना की गई।
इसके बाद मंडल कार्यालय के समीक्षा सभागार में संरक्षा सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल, अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता और अन्य शाखा अधिकारी मौजूद रहे। सेमीनार में मुख्य लोको निरीक्षकों के साथ लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सुरक्षित रेल संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कर्मचारियों के साथ विस्तार से संवाद किया गया।
प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने रनिंग स्टाफ को सुरक्षित रेल संचालन से संबंधित नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने असामान्य घटना की स्थिति में निर्धारित सावधानियों और प्रक्रियाओं का पालन करने की जरूरत बताई। सेमीनार में इस बात पर विशेष रूप से जोर रहा कि सामान्य परिस्थितियों में नियमित प्रक्रिया का पालन जितना जरूरी है, उतना ही किसी असामान्य स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार काम करना भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में अवपथन की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रेन के पटरी से उतरने जैसी स्थिति में रनिंग स्टाफ को किस तरह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करना चाहिए, इससे जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर जानकारी दी गई। इसके अलावा ग्रेडिएंट सेक्शन में गाड़ी के खड़े होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों को भी समझाया गया। ऐसे स्थानों पर गाड़ी को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता बताई गई।
लोड और लोको स्टेबलिंग के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियां भी सेमीनार के प्रमुख विषयों में शामिल रहीं। अधिकारियों ने रनिंग स्टाफ को इससे जुड़े संरक्षा पहलुओं की जानकारी दी। ट्रेन संचालन के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कर्मचारियों को नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप काम करने के लिए जागरूक किया गया।
सिगनल की अनुपालना पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। सुरक्षित रेल संचालन में सिगनल की भूमिका को देखते हुए लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों को निर्धारित सिगनल का पालन करने तथा उससे संबंधित प्रक्रियाओं के अनुसार ट्रेन संचालन करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि रेल संचालन में प्रत्येक स्तर पर निर्धारित नियमों का पालन सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सेमीनार के दौरान प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने केवल संरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी ही नहीं दी, बल्कि रनिंग स्टाफ से सीधे संवाद भी किया। उन्होंने लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। कर्मचारियों से उनके सुझाव और शिकायतें भी सुनी गईं। इस दौरान रनिंग स्टाफ ने कामकाज से जुड़े अपने बिंदुओं को अधिकारियों के सामने रखा।
कर्मचारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों को सुनने के बाद राघवेंद्र के शर्मा ने उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा सामने रखे गए बिंदुओं के समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी। इससे रनिंग स्टाफ को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद बंधी।
सेमीनार में मौजूद मंडल अधिकारियों और रनिंग स्टाफ ने सुरक्षित एवं संरक्षित रेल संचालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में नियमित ट्रेन संचालन के साथ उन परिस्थितियों पर भी चर्चा की गई, जिनमें कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अवपथन, ग्रेडिएंट सेक्शन में गाड़ी का खड़ा होना, लोड व लोको स्टेबलिंग और सिगनल की अनुपालना जैसे विषयों के माध्यम से रनिंग स्टाफ को अलग-अलग परिस्थितियों में संरक्षा नियमों के अनुरूप काम करने के लिए जागरूक किया गया।
आगरा मंडल में हुए निरीक्षण और संरक्षा सेमीनार के दौरान एक ओर क्रू बुकिंग लॉबी और रनिंग रूम की व्यवस्थाओं को परखा गया, वहीं दूसरी ओर ट्रेन संचालन से सीधे जुड़े कर्मचारियों के साथ संरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर संवाद हुआ। लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर जैसे रनिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली तथा उनकी सुविधाओं को देखने के साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी जाना गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हुए इस संवाद में सुरक्षित रेल संचालन के लिए नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को महत्वपूर्ण बताया गया।
