आगरा। बरौली अहीर-प्रथम फीडर के हाई लॉस क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए सघन अभियान में 25 उपभोक्ता मीटर बाईपास और अन्य माध्यमों से विद्युत चोरी करते पाए गए। टीम ने गांव गुतिला में विभिन्न परिसरों की विद्युत आपूर्ति और मीटरों की जांच की। चोरी सामने आने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अभियान में एसडीएम ताज सुरक्षा संतोष कुमार शुक्ला के साथ विद्युत विभाग के अवर अभियंता और लाइन स्टाफ की टीम मौजूद रही।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशन में जिले में विद्युत चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अधिक विद्युत हानि वाले फीडरों और क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां औचक निरीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन और विद्युत निगम की संयुक्त प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया है। तकनीकी टीमें चिन्हित क्षेत्रों में पहुंचकर कनेक्शन और मीटर की स्थिति की जांच कर रही हैं।

अभियान के तहत शुक्रवार को बरौली अहीर-प्रथम फीडर के हाई पोटेंशियल लॉस (एचपीएल) क्षेत्र में शामिल गांव गुतिला में प्रात:काल जांच की गई। टीम ने अलग-अलग परिसरों में पहुंचकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और मीटरों को देखा। जांच के दौरान कई स्थानों पर मीटर से छेड़छाड़ और बाईपास के जरिए आपूर्ति लेने के मामले सामने आए। विभाग के अनुसार कुल 25 उपभोक्ता विद्युत चोरी करते पाए गए।
जांच में जिन उपभोक्ताओं के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई, उनमें गुरुदयाल सिंह, हीरा देवी, धनबाद सिंह, अमर सिंह, तारा सिंह, बनवारी, राकेश कुमार तोमर, सौरभ, राम दास, संत सिंह, राम जी लाल, अशोक, शिव दयाल तोमर, अरब सिंह, पप्पू, सोनू देवेंद्र, लाखन सिंह, ओमप्रकाश, बिजेंद्र सिंह, रितेश, मान सिंह, कृपाल सिंह, संतोष, फोरन सिंह और शिव कुमार शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध विभागीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
विद्युत चोरी के मामलों में विद्युत अधिनियम-2003 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि अवैध कटिया डालकर बिजली लेने, मीटर से छेड़छाड़ करने या उसे बाईपास करके विद्युत उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चोरी पाए जाने की स्थिति में संबंधित कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि केवल चोरी के मामलों तक ही अभियान सीमित नहीं रहेगा। बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं, बड़े बकायेदारों तथा विभिन्न माध्यमों से बड़े स्तर पर विद्युत चोरी करने वाले मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उच्च हानि वाले फीडरों को चिन्हित कर तकनीकी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त प्रवर्तन दलों को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीकी टीमें उच्च हानि वाले क्षेत्रों और फीडरों की पहचान कर औचक निरीक्षण करेंगी। अभियान का उद्देश्य विद्युत चोरी पर रोक लगाने के साथ लाइन लॉस को कम करना बताया गया है। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजली चोरी की सटीक सूचना देने वाले नागरिकों के लिए भी विभाग ने प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सटीक सूचना उपलब्ध कराने वालों को प्रोत्साहन राशि अथवा इनाम देने का प्रावधान भी बताया गया है। विभाग ने लोगों से बिजली चोरी की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करने को कहा है। विभाग के अनुसार कटिया डालकर, मीटर में छेड़छाड़ करके अथवा बाईपास के जरिए बिजली लेना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपने कनेक्शन का नियमानुसार उपयोग करने की अपील की है।
अभियान के दौरान विद्युत विभाग के समस्त अवर अभियंता और लाइन स्टाफ की टीम मौके पर मौजूद रही। एसडीएम ताज सुरक्षा संतोष कुमार शुक्ला की मौजूदगी में की गई जांच के दौरान गुतिला गांव में विभिन्न परिसरों की विद्युत व्यवस्था को परखा गया। सामने आए मामलों को विभागीय प्रक्रिया के तहत दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन और विद्युत निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विद्युत चोरी रोकने के लिए विशेष जांच अभियान जारी रहेगा। उच्च हानि वाले क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर मीटर और कनेक्शन की स्थिति जांची जाएगी। चोरी अथवा अनियमितता मिलने पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
