आगरा में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
सार
आगरा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी कार्ययोजना तैयार की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में सबसे बड़ा प्रस्ताव बाह विधानसभा क्षेत्र के बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों के हेरिटेज कंजर्वेशन का रखा गया, जिस पर करीब 1200 लाख रुपये यानी 12 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा जिले के कई अन्य मंदिरों में यात्री सुविधाओं, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव रखे गए।
आगरा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं और पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मंत्री जयवीर सिंह ने की। बैठक में आगरा के धार्मिक पर्यटन को विकसित करने के लिए जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
बैठक में सबसे बड़ा प्रस्ताव बाह विधानसभा क्षेत्र के बटेश्वर धाम स्थित प्राचीन मंदिरों के हेरिटेज कंजर्वेशन का रखा गया। विधायक रानी पक्षालिक सिंह के विधानसभा क्षेत्र में आने वाले बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं विकास कार्य के लिए 1200 लाख रुपये यानी 12 करोड़ रुपये की अनुमानित धनराशि प्रस्तावित की गई। इस परियोजना का उद्देश्य ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले बटेश्वर धाम को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

कई मंदिरों में 1.40 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों के प्रस्ताव
बैठक में विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामनगर (खन्दौली) स्थित लाल मंदिर के विकास का प्रस्ताव रखा। यहां 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, क्यूआर कोड युक्त साइनेज, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग सहित अन्य कार्य प्रस्तावित किए गए।
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के दयालबाग स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर के विकास का प्रस्ताव रखा। यहां 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग के कार्य प्रस्तावित किए गए।
विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक सैंया के ग्राम वृथला स्थित श्री लीला विलास मंदिर में विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा। यहां भी 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए।
आगरा ग्रामीण और दक्षिण क्षेत्र के मंदिरों में भी विकास योजना
मंत्री बेबीरानी मौर्य के विधानसभा क्षेत्र आगरा ग्रामीण के विकासखंड अकोला स्थित घासी बाबा मंदिर में भी विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा गया। यहां बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के विधानसभा क्षेत्र आगरा दक्षिण के शीतला गली स्थित प्राचीन कुटुम्बी भैरोंनाथ मंदिर के लिए 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से विकास कार्य प्रस्तावित किए गए। इसमें बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य शामिल हैं।
विधायक डॉ. जीएस धर्मेश के विधानसभा क्षेत्र आगरा कैंट में जनपद आगरा डिफेंस एस्टेट फेज-1 स्थित दुर्गा मंदिर में 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए।
विधायक चौधरी बाबूलाल के विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर सीकरी के विकासखंड अछनेरा के किरावली स्थित मौनी बाबा मंदिर में भी 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से विकास कार्य प्रस्तावित किए गए। इनमें बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य शामिल हैं।
चिंताहरण महादेव मंदिर परिसर का होगा सौंदर्यीकरण
विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ने आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के जयपुर हाउस, आलोक नगर, वार्ड नंबर-54 स्थित श्री चिंताहरण महादेव मंदिर परिसर के विकास का प्रस्ताव रखा।
इस परियोजना में 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से हॉल निर्माण, बाउंड्री वॉल, मंदिर परिसर में फर्श निर्माण, रंगाई-पुताई, गर्भगृह का चौड़ीकरण, प्रवेश द्वार निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, समरसेबल, आरओ और पार्क का सौंदर्यीकरण कार्य प्रस्तावित किया गया।
फतेहाबाद और अन्य क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों पर भी विकास कार्य
विधायक छोटेलाल वर्मा के विधानसभा क्षेत्र फतेहाबाद के भटाकी पीपरी मेवली खुर्द स्थित श्री शिव मंदिर में 140 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि से बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, साईनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए।
बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि कोठी मीना बाजार के पुनरोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है। इसके अलावा खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के भिलावली स्थित श्री हनुमान मंदिर में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल व्यवस्था, यात्री बेंच और लैंडस्कैपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
जनपद आगरा स्थित बटेश्वर धाम में पार्किंग एवं अन्य पर्यटन सुविधाओं के सृजन का कार्य भी प्रस्तावित किया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल में कियोस्क और एमिनिटीज के कार्य भी योजना में शामिल किए गए हैं।
अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश
बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों ने धार्मिक पर्यटन विकास से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विकास अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा, मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
फाइलों से निकलकर जमीन पर उतरेंगी आगरा की पर्यटन योजनाएं, 273 करोड़ के 58 प्रोजेक्ट की होगी कड़ी निगरानी
बटेश्वर धाम से कोठी मीना बाजार तक विकास की पड़ताल, जयवीर सिंह बोले- जनता के धन का दिखना चाहिए सदुपयोग
सार
आगरा में पर्यटन और धार्मिक विकास से जुड़ी योजनाएं अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आगरा से 18 मंडलों की समीक्षा अभियान की शुरुआत करते हुए साफ किया कि हर परियोजना की पहले जमीन पर जांच होगी, उसकी उपयोगिता और जनहित का आकलन किया जाएगा। आगरा मंडल की 58 पर्यटन परियोजनाओं पर करीब 273 करोड़ रुपये और धर्मार्थ विभाग की करीब 245 करोड़ रुपये की योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
आगरा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग तथा तीर्थ विकास परिषद की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल परियोजनाओं को लेकर सर्किट हाउस सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में पर्यटन विभाग की परियोजनाओं, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की योजनाओं, निर्माणाधीन कार्यों और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की गई।
अब केवल प्रस्ताव देखकर मंजूर नहीं होंगी योजनाएं
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं अब केवल कागजी प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत नहीं होंगी। प्रत्येक परियोजना का पहले जमीनी सत्यापन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना की उपयोगिता, जनहित और वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने के बाद ही उसे अंतिम स्वीकृति दी जाएगी, जिससे जनता का धन वहीं खर्च हो जहां उसका वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचे।
मंत्री ने कहा कि जनहित के कार्यों में जनता के धन का सदुपयोग स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्यटन परियोजनाओं का असर जमीन पर दिखना जरूरी है।
आगरा से शुरू हुआ 18 मंडलों की समीक्षा का अभियान
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग और तीर्थ विकास परिषद की कार्ययोजना की प्रदेशव्यापी समीक्षा का शुभारंभ आगरा से किया गया है।
पहले चरण में आगरा और अलीगढ़ मंडल की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। दोनों मंडलों की कुल 80 परियोजनाओं का बिंदुवार निरीक्षण किया गया। प्रत्येक प्रस्ताव की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता का मूल्यांकन किया गया।
मंत्री ने बताया कि अब यही प्रक्रिया प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अपनाई जाएगी। प्रत्येक मंडल में समीक्षा बैठक के साथ-साथ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कराया जाएगा।
आगरा मंडल की 58 परियोजनाओं पर 273 करोड़ की नजर
बैठक में आगरा मंडल की 58 पर्यटन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 273 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा मथुरा की धर्मार्थ विभाग से संबंधित तीन परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनकी अनुमानित लागत करीब 245 करोड़ रुपये है।
हर परियोजना को तथ्यों की कसौटी पर परखा जाएगा
जयवीर सिंह ने कहा कि अब कोई भी परियोजना केवल प्रस्ताव के आधार पर स्वीकृत नहीं होगी। प्रत्येक प्रस्ताव के साथ जरूरी दस्तावेज और तथ्य उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि हर परियोजना के प्रस्ताव में—
- भूमि अभिलेख,
- स्थल के नवीनतम फोटोग्राफ,
- व्यवहारिक लागत का आकलन,
- ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व से जुड़े प्रमाण,
- स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ का विवरण
शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी पहले से तय की जाएगी, जिससे परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
बटेश्वर धाम, कोठी मीना बाजार और अटल स्मारक पर फोकस
आगरा की प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं में बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण का प्रस्ताव प्रमुख रहा। इसके लिए करीब 1200 लाख रुपये यानी 12 करोड़ रुपये की अनुमानित धनराशि प्रस्तावित की गई है।
इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक में पर्यटक सुविधाओं के विकास, कोठी मीना बाजार के पुनरोद्धार एवं सौंदर्यीकरण तथा पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं के विस्तार के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
फिरोजाबाद और मैनपुरी की योजनाओं पर भी मंथन
बैठक में फिरोजाबाद की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें आर्य संस्कृति संकुल के विकास, बाबा नीब करौरी संग्रहालय के दूसरे चरण, जिला सीमाओं पर पर्यटन सूचना केंद्र और महुआ वाली कालिका माता मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के विकास की योजनाएं शामिल हैं।
मैनपुरी में शीतला माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव रखे गए।
धर्मार्थ विभाग की 245 करोड़ की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में धर्मार्थ कार्य विभाग की लगभग 245 करोड़ रुपये लागत वाली तीन प्रमुख परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
इनमें—
- 15 धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास,
- श्री बांके बिहारी जी महाराज कॉरिडोर,
- विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जन सुविधाओं के विकास
से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बांके बिहारी कॉरिडोर का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
नवंबर तक पूरे हों लंबित कार्य, गुणवत्ता से समझौता नहीं
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, खर्च और निर्धारित समय सीमा का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंबित परियोजनाओं को हर हाल में नवंबर तक पूरा किया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को परियोजनाओं की नियमित जानकारी दी जाए। भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में उन्हें अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए।
संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के बाद ही बनेगी अंतिम कार्ययोजना
बैठक के अंत में जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि सभी लंबित अभिलेख, तकनीकी विवरण और भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही अंतिम कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं का चयन केवल फाइलों के आधार पर नहीं बल्कि वास्तविक आवश्यकता और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाय
बैठक में मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

