मथुरा। मथुरा के विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में रविवार देर रात चोरी की सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक युवक देर रात मंदिर के मुख्य द्वार पर लगी दानपात्र (गोलक) के पास पहुंचा, काफी देर तक मौका देखता रहा, पुलिस की गश्त निकलने का इंतजार किया, फिर गुटखा खाकर लोहे की सरिया से गोलक का ताला तोड़ दिया। इसके बाद उसने दान की पूरी नकदी अपने बैग में भरी और फरार हो गया। पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सूचना मिलते ही मंदिर प्रबंधन में हड़कंप मच गया और पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
मथुरा के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में रविवार देर रात हुई चोरी की घटना ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेखौफ चोर ने मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर श्रद्धालुओं के लिए रखी स्टील की दानपात्र (गोलक) को निशाना बनाया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिससे पुलिस को आरोपी की पहचान करने में अहम सुराग मिले हैं।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रात करीब 12 बजे 25 से 30 वर्ष का एक युवक मंदिर परिसर में पहुंचा। वह पहले मंदिर की सीढ़ियों पर बैठ गया और काफी देर तक मोबाइल फोन चलाता रहा। इस दौरान वह लगातार आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। कुछ देर बाद वह सीढ़ियों से नीचे उतरा और मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर रखी गोलक के आसपास चक्कर लगाने लगा। वह बार-बार दाएं-बाएं देखकर यह सुनिश्चित करता रहा कि कहीं कोई व्यक्ति या सुरक्षाकर्मी तो मौजूद नहीं है।
इसी बीच पुलिस की बाइक पर दो पुलिसकर्मी नियमित गश्त करते हुए मंदिर के सामने से गुजरे। पुलिस को देखकर युवक ने खुद को सामान्य दिखाने के लिए दोबारा सीढ़ियों पर बैठना ही बेहतर समझा। पुलिस के वहां से निकलने के बाद वह फिर उठा, जेब से गुटखे का पाउच निकाला और आराम से गुटखा खाने लगा। इसके बाद उसने अपने पास रखी लोहे की सरिया निकाली और गोलक के पास पहुंचकर मौका तलाशने लगा।
करीब नौ मिनट तक इंतजार करने के बाद युवक ने गोलक का ताला तोड़ने की कोशिश शुरू की। उसने सरिया की मदद से ताले पर लगातार वार किए और लगभग दो मिनट की मशक्कत के बाद ताला तोड़ दिया। ताला टूटने के बाद भी वह तुरंत नकदी नहीं निकालता, बल्कि कुछ देर वहीं बैठकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता है।
उसी दौरान एक स्कूटी सवार मंदिर के सामने पहुंचा। उसने स्कूटी पर बैठे-बैठे भगवान को प्रणाम किया और आगे निकल गया। स्कूटी सवार के जाने के बाद चोर ने गोलक का ढक्कन खोला और उसमें रखी पूरी नकदी अपने बैग में भर ली। इसके बाद वह आराम से मौके से फरार हो गया।
जिस दानपात्र को निशाना बनाया गया, वह मंदिर के मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर के अंदर जाकर दर्शन नहीं कर पाते, वे बाहर से ही अपनी श्रद्धानुसार दान कर सकें। इसी कारण इस गोलक में दिनभर श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई नकदी जमा रहती है।
सोमवार सुबह करीब 5:15 बजे जब मंदिर के कर्मचारी नियमित व्यवस्था के लिए पहुंचे तो उन्होंने गोलक का ताला टूटा हुआ देखा। अंदर रखी नकदी गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद मंदिर के महाप्रबंधक अशोक शर्मा ने शहर कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना तुरंत दे दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फुटेज में आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पुलिस उसकी पहचान के लिए आसपास के इलाकों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस रास्ते से आया और किस दिशा में फरार हुआ।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं मंदिर प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य द्वार और दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। मंदिर परिसर में अतिरिक्त निगरानी, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और दानपात्रों की नियमित मॉनिटरिंग पर भी विचार किया जा रहा है।
यह घटना न केवल धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चोर किस तरह पूरी योजना और धैर्य के साथ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

