सार
तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में ट्रॉली बैग से मिले शव के टुकड़ों की गुत्थी अब आगरा से निकलकर चेन्नई पहुंच गई है। जांच में ऐसा सुराग हाथ लगा है जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। चेन्नई सेंट्रल स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज में एक महिला, एक पुरुष और दो बच्चों वाला परिवार संदिग्ध हालत में दिखाई दिया है। फुटेज में पुरुष को ट्रॉली बैग ट्रेन की जनरल बोगी में रखते और फिर परिवार सहित वहां से जाते देखा गया है। अब पुलिस मान रही है कि यही परिवार इस सनसनीखेज हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी हो सकता है।
आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मिले ट्रॉली बैग से शव के टुकड़े मिलने के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। चेन्नई सेंट्रल स्टेशन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में एक संदिग्ध परिवार दिखाई देने के बाद अब जांच का फोकस पूरी तरह चेन्नई पर केंद्रित हो गया है।
जीआरपी सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध परिवार में एक महिला, एक पुरुष और दो बच्चे शामिल हैं। फुटेज में यह परिवार पहले लोकल ट्रेन से चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पहुंचता दिखाई देता है। इसके बाद पुरुष ट्रॉली बैग लेकर प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर खड़ी तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी तक जाता है। कैमरों में उसे बैग बोगी के भीतर रखते हुए देखा गया है। कुछ ही देर बाद वह परिवार सहित स्टेशन से बाहर निकल जाता है।
यह फुटेज सामने आने के बाद आगरा जीआरपी की संयुक्त जांच टीम ने चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के 17 प्लेटफॉर्म और वहां लगे करीब 240 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके अलावा स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे 54 आईपी आधारित कैमरों की फुटेज भी देखी गई है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परिवार स्टेशन के किस गेट से अंदर आया, ट्रॉली बैग प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचाया गया और क्या बैग स्टेशन के बैगेज स्कैनर या एक्सरे मशीन से होकर गुजरा था।
पुलिस को उम्मीद है कि यदि बैग स्कैन हुआ होगा तो उसकी डिजिटल रिकॉर्डिंग जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। ट्रॉली बैग से मिले फिंगरप्रिंट, डीएनए और अन्य जैविक साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। शव के टुकड़ों को जिस पॉलीथिन रैपर में लपेटा गया था, उस पर लगे स्टीकर के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह सामग्री कहां से खरीदी गई थी।
जांच अधिकारी इस मामले को एक कड़ी से दूसरी कड़ी जोड़ने वाली जांच बता रहे हैं। उनका कहना है कि चेन्नई से मिली फुटेज ने पहली बार किसी संभावित संदिग्ध तक पहुंचने का रास्ता खोला है। अब सबसे बड़ी चुनौती कैमरों में दिखे परिवार की पहचान करना और उनकी यात्रा का पूरा रूट तैयार करना है।
शनिवार को शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का समय, मृतक की अनुमानित उम्र, शव काटे जाने का समय और परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच को भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा। मृतक की पहचान के लिए दक्षिण भारत और उत्तर भारत के गुमशुदगी रिकॉर्ड का मिलान कराया जाएगा।
जांच में चेन्नई से महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद अब इस मुकदमे को चेन्नई जीआरपी को ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार तक केस औपचारिक रूप से चेन्नई ट्रांसफर कर दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट, डीएनए रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेजों को संकलित कर पूरी केस फाइल चेन्नई भेजी जाएगी।
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि चूंकि मामला एक राज्य से दूसरे राज्य से जुड़ा हुआ है और जांच का मुख्य आधार चेन्नई से मिला है, इसलिए पूरी रिपोर्ट रेलवे पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी। मुख्यालय के स्तर पर आवश्यक अनुमति और प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकदमे को चेन्नई जीआरपी को ट्रांसफर किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस की नजर उस परिवार पर टिकी है जो कैमरों में दिखाई दिया है। सूत्रों का मानना है कि तमिलनाडु एक्सप्रेस मर्डर मिस्ट्री की सबसे बड़ी चाबी अब चेन्नई सेंट्रल स्टेशन की उन्हीं सीसीटीवी तस्वीरों में छिपी हुई है।

