आगरा। सुभाष बाजार में बुधवार दोपहर तेज बारिश के बीच नाले के ऊपर बनी दो मंजिला कपड़े की दुकान अचानक ढह गई। हादसे में छह लोग मलबे में दब गए, जिनमें से पांच को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि सैंया क्षेत्र की रहने वाली 55 वर्षीय गंगा देवी देर शाम तक मलबे में फंसी रहीं। लगातार बारिश, अंधेरा और नाले में भरे मलबे के बीच पुलिस, फायर सर्विस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। नगर निगम ने रोशनी की व्यवस्था की, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।
शहर के व्यस्त सुभाष बाजार में बुधवार दोपहर करीब तीन बजे तेज बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। थाना मंटोला क्षेत्र में नाले के ऊपर बनी राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर नाम की दो मंजिला कपड़े की दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय दुकान और उसके आसपास मौजूद छह लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। देर शाम तक पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक महिला की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहा।
हादसे के बाद पूरे सुभाष बाजार में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने भी बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को निकालने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया। इसके बाद फायर सर्विस, पुलिस, पीएसी और अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। बाद में एसडीआरएफ को भी सूचना देकर बुलाया गया ताकि रेस्क्यू अभियान को और तेज किया जा सके।
प्रशासन के अनुसार जिस भवन में दुकान संचालित हो रही थी, वह काफी पुराना था और नगर निगम द्वारा बनाया गया था। दुकान नाले के ऊपर बनी होने के कारण लगातार हो रही बारिश से उसकी नींव कमजोर हो गई और देखते ही देखते पूरी संरचना ढह गई। हादसे के बाद आसपास के इलाके को खाली कराकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
मलबे में फंसी महिला की पहचान सैंया थाना क्षेत्र के नगला तेजा निवासी 55 वर्षीय गंगा देवी के रूप में हुई। गंगा देवी अपनी 25 वर्षीय बेटी अनीता और करीब डेढ़ वर्षीय नातिन अन्नया के साथ सुभाष बाजार खरीदारी करने आई थीं। परिजनों के अनुसार तीनों बारिश से बचने के लिए दुकान के छज्जे के नीचे खड़ी थीं, तभी अचानक पूरी दुकान भरभराकर गिर गई। हादसे में अनीता और उसकी बेटी अन्नया को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि गंगा देवी मलबे में दब गईं। देर शाम तक उनका पता नहीं चल सका और उनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलता रहा।
गंगा देवी के पति किरन सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी और बेटी कपड़ा खरीदने बाजार आई थीं। बारिश होने पर वे दुकान के छज्जे के नीचे रुक गईं। इसी दौरान ऊपर से पूरी दीवार और दुकान का हिस्सा गिर गया। उन्होंने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना करीब डेढ़ घंटे बाद मिली। उनकी बेटी अनीता सुरक्षित है, लेकिन गंगा देवी का देर शाम तक कोई पता नहीं चल सका।
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार ने बताया कि हादसा कुछ ही सेकेंड में हो गया। उनके अनुसार कुछ महिलाएं सूट देखने के लिए दुकान की ओर बढ़ रही थीं। जैसे ही वे दुकान के भीतर जाने लगीं, पूरी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर दौड़े तथा दूसरी ओर से मलबे में फंसे लोगों को निकालना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार शुरुआती प्रयास में एक स्टाफ कर्मचारी, एक दुकानदार और उसके बेटे सहित तीन लोगों को बाहर निकाला गया।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जिलाधिकारी ने बताया कि दुकान नाले के ऊपर बनी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है और फायर सर्विस, पुलिस तथा अन्य विभागों की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में लगी हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भवन काफी पुराना था और नगर निगम द्वारा निर्मित था।
एडिशनल पुलिस आयुक्त सचिन्द्र पटेल ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग आगे आवश्यक कार्रवाई करेंगे, लेकिन वर्तमान में सभी टीमें राहत एवं बचाव अभियान पर पूरी तरह केंद्रित हैं।
रेस्क्यू अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम लगभग 10 फीट गहरे नाले में उतरकर मलबा हटाने में जुटी रही। नाले में जमा मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन भी मंगाई गई, जिससे बचाव कार्य को गति मिल सके। पीएसी, एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने कई घंटे तक लगातार अभियान चलाया।
हालांकि देर शाम तेज बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। लगातार बारिश की वजह से नाले में पानी और मलबा बढ़ने से राहत कार्य रोकना पड़ा। मौसम में थोड़ी राहत मिलने के बाद करीब आधे घंटे बाद अभियान फिर शुरू कर दिया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी लगातार बारिश में भी डटे रहे और कई कर्मियों ने आसपास से रेनकोट खरीदकर अभियान जारी रखा।
शाम ढलने के साथ अंधेरा बढ़ने पर रेस्क्यू अभियान के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। वहीं नगर निगम ने राहत कार्य बाधित न हो, इसके लिए जनरेटर और हाईमास्ट लाइटों के माध्यम से वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था शुरू की, ताकि रात में भी अभियान बिना रुके जारी रखा जा सके।
हादसे की सूचना मिलने पर भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और स्थानीय दुकानदारों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।
उधर, गंगा देवी के परिजनों ने बताया कि अनीता लखनऊ में पुलिस विभाग में तैनात हैं और अपनी छोटी बेटी तथा गंगा देवी के साथ खरीदारी करने आगरा आई थीं। हादसे के बाद अनीता को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन देर शाम तक परिजन उनसे भी मुलाकात नहीं कर सके। वहीं गंगा देवी की तलाश लगातार जारी रही। देर शाम तक पुलिस, प्रशासन, फायर सर्विस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाकर उन्हें खोजने के प्रयास में जुटी रहीं। लगातार बारिश, अंधेरा और नाले में भरे मलबे के बावजूद राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा गया।
