फतेहाबाद। पारोली सिकरवार यमुना घाट पर अवैध नाव संचालन का मामला एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में लोगों और मोटरसाइकिलों को नाव से नदी पार कराते हुए देखा गया है। कुछ माह पहले इसी घाट पर नाव फटने की घटना हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध संचालन बंद नहीं हुआ। मामले में उपजिलाधिकारी ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

तहसील फतेहाबाद क्षेत्र के पारोली सिकरवार यमुना घाट पर एक बार फिर अवैध नाव संचालन का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोगों को नाव में बैठाकर तथा करीब आधा दर्जन मोटरसाइकिलों के साथ यमुना नदी पार कराते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पारोली सिकरवार घाट पर लंबे समय से निजी नावों का अवैध संचालन किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी अनुमति के लोगों और वाहनों को नदी पार कराया जा रहा है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। उनका कहना है कि इस अवैध संचालन पर रोक लगाने के लिए अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो करीब 19 सेकंड का बताया जा रहा है। इसमें कुछ लोग नाव में सवार हैं और करीब आधा दर्जन मोटरसाइकिल भी नाव पर रखी हुई दिखाई दे रही हैं। नाव यमुना नदी के बीच से लोगों और वाहनों को पार कराती नजर आ रही है। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वर्तमान में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे समय में नियमों को दरकिनार कर नाव से लोगों और मोटरसाइकिलों को नदी पार कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है। इसके बावजूद घाट पर अवैध नाव संचालन जारी रहने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व इसी पारोली सिकरवार घाट पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया था। उस समय फिरोजाबाद के नगला नंदा से मालपुआ खाने जा रहे करीब 30 से 35 महिला-पुरुष और आठ मोटरसाइकिलों को लेकर एक नाव यमुना नदी पार कर रही थी। नदी के बीच पहुंचने पर नाव फट गई थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उस समय नाव में सवार लोगों ने किसी तरह पानी में कूदकर अपनी जान बचाई थी।
उस घटना के बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने अवैध नाव संचालन के मामले में नायब तहसीलदार फतेहाबाद को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से संचालित नाव को रुकवाया था और अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी थी।
इसके बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी की ओर से एसीपी फतेहाबाद तथा संबंधित अधिकारियों को अवैध नाव संचालन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण कुछ समय बाद फिर से घाट पर अवैध नाव संचालन शुरू हो गया और अब यह धड़ल्ले से जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे इस अवैध संचालन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यमुना घाट पर बिना अनुमति चल रही नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, ताकि लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
मामले में उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने बताया कि पारोली सिकरवार घाट पर नाव संचालन का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मौके पर टीम भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अवैध नाव संचालन की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

