आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन विद्यार्थियों के नवाचारपूर्ण विचारों को व्यावसायिक उद्यम में बदलने का मंच बन रहा है। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत स्थापित सेक्शन-8 कंपनी विद्यार्थियों को विचार चयन से लेकर कंपनी पंजीकरण, निवेशकों से संपर्क और कारोबार विस्तार तक सहयोग दे रही है। फाउंडेशन से जुड़े दो स्टार्टअप स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

विश्वविद्यालय में विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन नवाचार, शोध और उद्यमिता की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। कुलपति प्रो. आशु रानी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में फाउंडेशन विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित कर रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

फाउंडेशन विद्यार्थियों को स्टार्टअप यात्रा के हर चरण में सहयोग उपलब्ध कराता है। इसमें नवाचारपूर्ण विचारों का चयन, विशेषज्ञों से मूल्यांकन, व्यवसाय मॉडल तैयार करना, बाजार में उत्पाद की उपयोगिता की जांच, प्रारंभिक नमूना तैयार करना, तकनीकी सहायता, वेबसाइट और एप विकसित कराना, व्यवसायिक मार्गदर्शन, कंपनी पंजीकरण तथा स्टार्टअप इंडिया और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत जरूरी सहयोग शामिल है। फाउंडेशन निवेशकों से संपर्क कराने और कारोबार के विस्तार में भी मदद करता है।
विद्यार्थियों को कार्य के लिए आधुनिक कार्यस्थल, तेज इंटरनेट, बैठक कक्ष और अनुभवी मार्गदर्शकों की सुविधा दी जा रही है। इससे उन्हें अपने विचारों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और व्यावसायिक रूप देने का अवसर मिल रहा है। फाउंडेशन का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी केवल अवधारणा तक सीमित न रहें, बल्कि उसे व्यवहारिक उत्पाद या सेवा के रूप में विकसित कर सकें।
विश्वविद्यालय में समय-समय पर संगोष्ठी, कार्यशाला, नवाचार प्रतियोगिता, विशेषज्ञ व्याख्यान और मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाते हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने, नई तकनीकों पर काम करने और अपने विचारों को स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित किया जाता है। इन गतिविधियों से छात्रों में जोखिम लेने, निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उद्यमिता विकास गतिविधियों के संचालन में योगेश तोमर की भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, नवाचार कार्यशालाएं, स्टार्टअप परिचय सत्र और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों से विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को आगे बढ़ाने, उन्हें व्यावसायिक रूप देने और बड़े स्तर पर विस्तार योग्य स्टार्टअप बनाने का व्यावहारिक मार्गदर्शन मिल रहा है।
फाउंडेशन की सफलता से जुड़े स्टार्टअप भी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। अनन्या मित्तल की ओर से स्थापित अकास स्टैंडर्ड एलएलपी स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र में काम कर रहा है। महिला नेतृत्व वाले इस स्टार्टअप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मंच विकसित किया है। यह मंच खाद्य और अन्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले जटिल अवयवों का विश्लेषण कर उपभोक्ताओं को उनकी सुरक्षा और गुणवत्ता की सरल जानकारी उपलब्ध कराता है।
अकास स्टैंडर्ड एलएलपी को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की मान्यता मिल चुकी है। स्टार्टअप सुरक्षित, पारदर्शी और जागरूक उपभोक्ता संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों की सामग्री समझने और बेहतर निर्णय लेने में मदद देना है।
दूसरा स्टार्टअप तनमय शर्मा की ओर से स्थापित साइबर योद्धा टेक एलएलपी है। यह साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में काम कर रहा है। स्टार्टअप कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साइबर जोखिम आकलन, कमजोरियों की जांच, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर खतरों की सूचना, डार्क वेब निगरानी और साइबर जागरूकता जैसी सेवाएं विकसित कर रहा है।
साइबर योद्धा टेक एलएलपी का उद्देश्य कारोबारों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी संगठनों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है। डिजिटल गतिविधियों के बढ़ते दायरे में साइबर जोखिमों से बचाव के लिए यह स्टार्टअप तकनीकी समाधान विकसित कर रहा है। फाउंडेशन से मिले मार्गदर्शन और संसाधनों के माध्यम से स्टार्टअप अपने उत्पादों और सेवाओं को आगे बढ़ा रहा है।
इन दोनों स्टार्टअप की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और अनुकूल वातावरण मिले तो उनके विचार सफल उद्यम का रूप ले सकते हैं। विश्वविद्यालय का फाउंडेशन ऐसे युवाओं को तैयार करने पर काम कर रहा है, जो नवाचार के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकें।
विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन विद्यार्थियों के सपनों को पहचान देने वाले मंच के रूप में विकसित हो रहा है। यह केवल स्टार्टअप तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की सोच से जुड़े युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि ये युवा उद्यमी भविष्य में देश की आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

