आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 100 क्षमता वाले समाज कल्याण बालिका छात्रावास को पंजाब नेशनल बैंक के CSR कार्यक्रम के तहत दो सेमी ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन और एक रेफ्रिजरेटर मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन सुविधाओं से छात्राओं का समय बचेगा और छात्रावास में दैनिक जरूरतों का प्रबंधन बेहतर होगा।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कल्याण बालिका छात्रावास में छात्राओं की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पंजाब नेशनल बैंक ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत दो सेमी ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन और एक रेफ्रिजरेटर उपलब्ध कराया है। 100 क्षमता वाले छात्रावास को मिली इन सुविधाओं से छात्राओं को कपड़ों की धुलाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित संरक्षण में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय में छात्रा कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने के उद्देश्य से यह सहयोग दिया गया। यह पहल कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में और छात्रावास अधीक्षिका डॉ. रत्ना पाण्डेय के प्रयासों से संभव हुई। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए बैंक से सहयोग का प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर पीएनबी आगरा मंडल ने CSR योजना के तहत आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए।
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक अंजू मित्तल, उप क्षेत्रीय प्रबंधक कृष्ण कुमार, सर्किल हेड संजय श्रीवास्तव, मुख्य प्रबंधक (जीएसएडी) सचिन यादव, मुख्य प्रबंधक (मार्केटिंग) मीनू गुप्ता और प्रबंधक अभिनव चौहान उपस्थित रहे। पीएनबी आगरा जोनल कार्यालय की टीम ने छात्रावास को उपकरण सौंपे। समाज कल्याण विभाग की ओर से अधीक्षक मनोज कुमार सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
छात्रावास अधीक्षिका डॉ. रत्ना पाण्डेय ने बैंक अधिकारियों और टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्रावास में वाशिंग मशीन की सुविधा मिलने से छात्राओं का समय और श्रम बचेगा। इससे वे पढ़ाई, शोध और अन्य रचनात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकेंगी। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को अब कपड़ों की धुलाई के लिए बाहर की व्यवस्था पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि रेफ्रिजरेटर मिलने से खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं को सुरक्षित रखने में सुविधा होगी। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि मौसम और सीमित भंडारण व्यवस्था के कारण कई बार खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखना कठिन होता है। उपकरणों की उपलब्धता से दैनिक जीवन की छोटी लेकिन जरूरी जरूरतों का प्रबंधन आसान होने की संभावना है।
समाज कल्याण विभाग के अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे सहयोग से छात्रावास की व्यवस्थाएं मजबूत होती हैं और छात्राओं को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलता है। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल आवास की व्यवस्था नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के अध्ययन, सुरक्षा और दैनिक जरूरतों से जुड़ा स्थान है। इसलिए वहां उपलब्ध संसाधनों का सीधा प्रभाव छात्राओं की दिनचर्या और पढ़ाई पर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी पंजाब नेशनल बैंक के सामाजिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसी सुविधाएं दैनिक जरूरतों को सरल बनाएंगी। छात्राओं ने कहा कि जब संस्थाएं शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं पर भी ध्यान देती हैं तो पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनता है और छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है।
पीएनबी की ओर से दिए गए उपकरण छात्रावास की साझा सुविधाओं में शामिल होंगे। वाशिंग मशीनों का उपयोग छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए किया जाएगा, जबकि रेफ्रिजरेटर का इस्तेमाल खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं के संरक्षण के लिए होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन संसाधनों से छात्रावास की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और छात्राओं को अधिक व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों में संस्थानों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावास सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मिला यह सहयोग शिक्षा से जुड़े सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण है। इससे छात्राओं की जरूरतों को केंद्र में रखकर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम बढ़ा है।
विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षित वातावरण और सुविधासंपन्न शैक्षणिक व्यवस्था पर काम कर रहा है। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इस दिशा में उपयोगी माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि समाज और संस्थानों के सहयोग से शिक्षा के लिए बेहतर संसाधन विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्रावास प्रशासन ने उपकरणों के उपयोग और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि इनका लाभ लंबे समय तक छात्राओं को मिल सके। पीएनबी के CSR सहयोग से मिली यह सुविधा छात्रावास में रहने वाली 100 छात्राओं की दैनिक जरूरतों को आसान बनाने के साथ उनकी पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल माहौल तैयार करने में सहायक होगी।
