आगरा। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से आयोजित यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा बृहस्पतिवार को जिले के 26 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। तीन दिन में पांच पालियों में होने वाली परीक्षा में कुल 50,512 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहले दिन दो पालियों में 18,356 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन पहली पाली में 1416 और दूसरी पाली में 1445 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जीआईसी समेत विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा, प्रवेश जांच, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

यूपी-टीईटी परीक्षा दो जुलाई से चार जुलाई तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है और परीक्षा की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। शासन ने परीक्षा पर्यवेक्षक के रूप में सेवानिवृत्त आईपीएस रामलाल वर्मा को तैनात किया है। उनकी देखरेख में परीक्षा कराई जा रही है।

पहले दिन दो जुलाई को परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित थी। दोनों पालियों में 9178-9178 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। पहली पाली में 1416 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में 1445 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इस तरह पहले दिन कुल 2861 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

तीन दिवसीय परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार तीन जुलाई को पहली पाली में 9179 और दूसरी पाली में 11,488 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। चार जुलाई को एक पाली में 11,489 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पांच पालियों में कुल 50,512 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा कराई जा रही है।
जिले में परीक्षा के लिए 26 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें आगरा कॉलेज, सेंट जॉन्स कॉलेज, जीआईसी, नगर निगम इंटर कॉलेज, महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज, साकेत विद्यापीठ इंटर कॉलेज, राम स्वरूप सिंघल गर्ल्स इंटर कॉलेज, केदारनाथ सेकसरिया इंटर कॉलेज और आरबीएस इंटर कॉलेज समेत अन्य संस्थान शामिल हैं। केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से पहले अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार पर जांच कराई गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
प्रशासन ने परीक्षा की व्यवस्था संभालने के लिए 26 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 26 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। इसके अलावा 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 17 स्टेटिक मजिस्ट्रेट आरक्षित रखे गए हैं, ताकि किसी केंद्र पर जरूरत पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था की जा सके। केंद्रों की गतिविधियों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस और परीक्षा से जुड़े कर्मचारी भी नजर रख रहे हैं।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जीआईसी सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से पंजीकृत अभ्यर्थियों, उपस्थित और अनुपस्थित परीक्षार्थियों की जानकारी ली। साथ ही केंद्रों पर तैनात अधिकारियों को सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की जांच व्यवस्था देखी। सीसीटीवी कंट्रोल रूम की निगरानी, परीक्षा कक्षों की सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती, पेयजल, छाया और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि परीक्षा की पूरी अवधि में व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध या अवांछनीय गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जाए। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई न हो और प्रत्येक अभ्यर्थी की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता भंग करने का प्रयास करने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के बाहर भी पुलिस बल की तैनाती रही। अभ्यर्थियों को समय से पहुंचने और निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का पालन करने के लिए कहा गया। केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के बाद प्रवेश व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिकारी सक्रिय रहे।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि शेष पालियों की परीक्षा भी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के बीच कराई जाएगी।
