आगरा। शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में पार्किंग, जलभराव, अतिक्रमण और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वाणिज्य बंधु की बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पुराने और घनी आबादी वाले बाजारों में मल्टी स्टोरी पार्किंग विकसित करने, प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में वाणिज्य बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग व्यवस्था, जलभराव, अतिक्रमण, सार्वजनिक सुविधाओं और सड़क सुधार से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में सबसे पहले नगला मांकरोल, ग्वालियर रोड क्षेत्र में दोनों ओर स्थित सर्विस रोड पर स्थायी जलभराव की समस्या का मामला रखा गया। व्यापारियों ने बताया कि बरसात के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आवागमन प्रभावित होता है।

इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित क्षेत्र नगर निगम सीमा में नहीं आता तथा वहां विकसित कॉलोनियों की जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने आगरा विकास प्राधिकरण को जलनिकासी के स्थायी समाधान के लिए नालों सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
संजय प्लेस की पार्किंग व्यवस्था से संबंधित मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठा। बताया गया कि पार्किंग संचालन को लेकर हुए विवाद और मारपीट की घटना के बाद नगर निगम ने संजय प्लेस स्थित 36 पार्किंग स्थलों पर वसूली अस्थायी रूप से स्थगित कर दी थी। इस मामले की जांच के लिए मंडलायुक्त स्तर पर एडीए सचिव, एडीएम सिटी और अपर नगरायुक्त की संयुक्त समिति गठित की गई है।

जिलाधिकारी ने समिति को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा कि कौन-कौन से पार्किंग स्थल नगर निगम को संचालित करने के लिए दिए जाएं तथा जूता और कपड़ा बाजार के व्यापारियों की सुविधा के लिए किन स्थलों को आरक्षित रखा जा सकता है।
बैठक में साईं की तकिया से ईदगाह बस स्टैंड तक सड़क किनारे अतिक्रमण और फुटपाथों पर कब्जे का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे कारोबार प्रभावित होता है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने नगर निगम को अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद संबंधित स्थलों की फोटोग्राफी कराई जाए और संबंधित थाना प्रभारी से लिखित रिपोर्ट प्राप्त की जाए। यदि दोबारा अतिक्रमण होता है तो संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
संजय प्लेस में आवंटित दुकानों के मूल उद्देश्य से अलग उपयोग का मामला भी बैठक में सामने आया। बताया गया कि जिन दुकानों का आवंटन जूता और कपड़ा व्यवसाय के लिए किया गया था, उनमें कोचिंग सेंटर, स्पा सेंटर तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस संबंध में आगरा विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
हींग की मंडी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की कमी का मुद्दा भी व्यापारियों ने उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं न होने से स्थानीय लोगों और ग्राहकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर नगर निगम ने शीघ्र सार्वजनिक शौचालय निर्माण कराने पर सहमति जताई, जबकि जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में शहर के पुराने और घनी आबादी वाले बाजारों में पार्किंग सुविधा विकसित करने का मुद्दा विशेष रूप से चर्चा में रहा। बताया गया कि नगर निगम द्वारा पार्किंग निर्माण के लिए 10 स्थान चिह्नित किए गए थे, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि इनमें से कुछ स्थान रेलवे, कैंट और शिक्षा विभाग के स्वामित्व में हैं। जिलाधिकारी ने नगर निगम को उच्च स्तरीय समिति गठित कर सभी स्थलों का पुनः निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां नगर निगम की भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर एनओसी प्राप्त की जाए और उपलब्ध खाली स्थानों पर मल्टी स्टोरी पार्किंग विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पुराने बाजारों में पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने से यातायात सुगम होगा और व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।
बैठक में पुरानी मंडी से विक्टोरिया मार्ग तक सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों ने बताया कि यह मार्ग शहर के प्रमुख व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में माल का आयात-निर्यात और आवागमन होता है। सड़क पर गड्ढे होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
साथ ही सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड तथा नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर सड़क चौड़ीकरण की संभावनाओं और मरम्मत कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने की समस्या भी बैठक में उठाई गई। व्यापारियों ने बताया कि रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी मृत्युंजय नारायण सिंह, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के विजय सामा, जय पुरुषनानी, राजेश राठौर, ब्रजेश पंडित, मुकेश अग्रवाल, संजय अरोरा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और वाणिज्य बंधु के सदस्य उपस्थित रहे।
