फतेहाबाद। फतेहाबाद में सड़क दुर्घटना के बाद हुए बवाल और पुलिस टीम पर पथराव के मामले में गिरफ्तार ग्रामीणों से पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा ने जिला कारागार पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने बंदियों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ जेल प्रशासन से भी चर्चा की और कानून के दायरे में रहते हुए सभी के साथ मानवीय व्यवहार की अपेक्षा जताई।

15 जून को सड़क दुर्घटना के बाद उत्पन्न हुए विवाद और पुलिस टीम पर पथराव की घटना के मामले में गिरफ्तार किए गए ग्रामीणों से शनिवार को पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा ने जिला कारागार पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मामले में निरुद्ध 19 लोगों से बातचीत कर उनकी स्थिति, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक पहलुओं की जानकारी ली।
पूर्व विधायक ने बंदियों से अलग-अलग बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और जेल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर चलती है, लेकिन इस दौरान मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना भी आवश्यक है। उन्होंने बंदियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया और उनकी बातों को गंभीरता से सुना।
जेल प्रवास के दौरान जितेंद्र वर्मा ने जेल प्रशासन से भी चर्चा की। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही यह अपेक्षा जताई कि सभी बंदियों को नियमों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनके अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद कानून अपना कार्य करता है और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य सामने आते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि जांच और कार्रवाई निष्पक्षता के साथ आगे बढ़े, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था पर सभी को विश्वास रखना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
मुलाकात के दौरान बंदियों के परिजनों की चिंताओं और परेशानियों पर भी चर्चा हुई। पूर्व विधायक ने कहा कि किसी व्यक्ति के जेल जाने का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। ऐसे में परिवारों की भावनाओं को भी समझने की आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी संभव सहयोग होगा, उसे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि 15 जून को सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम पर पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में निरुद्ध ग्रामीण वर्तमान में जेल में बंद हैं।
पूर्व विधायक की इस मुलाकात को क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं और परिजन भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। मुलाकात के दौरान भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने भी बंदियों और उनके परिवारों से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा नियमानुसार उचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
जेल में हुई यह मुलाकात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। परिजनों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी बात सुने जाने से उन्हें मानसिक संबल मिला है। वहीं अब सभी की निगाहें मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

