आगरा। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी और व्यापक कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य की सुरक्षा का मजबूत संदेश दिया है। विशेष अभियान के तहत रेलवे स्टेशन से बरामद लगभग 4,000 किलोग्राम लावारिस मावा, जिसकी अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपये थी, को जांच में मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद नष्ट करा दिया गया। इसी अभियान में शमशाबाद बाईपास पर एक वाहन से पकड़े गए 958 लीटर मिश्रित दूध को भी नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत 23,950 रुपये आंकी गई। इसके अलावा जिले में चार टीमों ने विभिन्न डेयरियों और प्रतिष्ठानों से 12 खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य आम जनता तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ पहुंचाना तथा मिलावटखोरों पर प्रभावी रोक लगाना है।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा जिलाधिकारी आगरा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत विभाग ने अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए हजारों किलो मिलावटी मावा और सैकड़ों लीटर मिश्रित दूध को नष्ट कराया है।
अभियान के दौरान 18 जून 2026 को कैंट रेलवे स्टेशन स्थित बुकिंग कार्यालय के निकट लावारिस अवस्था में 80 बैग मावा बरामद किया गया। इनमें 67 प्लास्टिक बैग और 13 जूट के बैग शामिल थे। सभी बैगों में कुल मिलाकर लगभग 4,000 किलोग्राम मावा रखा हुआ था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 8 से 10 लाख रुपये आंकी गई।

मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने बरामद मावा पर अपना मालिकाना हक प्रस्तुत नहीं किया। विभाग ने नियमानुसार मावे के चार नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा तथा शेष मावे को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए विनायक प्रिजर्वेशन प्रा. लि., फाउंड्री नगर, आगरा में रखवाया। साथ ही 19 जून को विभिन्न समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर संबंधित व्यक्ति को अपना दावा प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया।
प्राथमिक जांच के दौरान Food Safety on Wheels के माध्यम से परीक्षण कराया गया। जांच में पाया गया कि मावा लंबे समय तक बिना नियंत्रित तापमान के अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया था, जिससे उसमें दुर्गंध उत्पन्न हो चुकी थी और उसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। प्रयोगशाला से प्राप्त चारों नमूनों की रिपोर्ट में भी मावा अधोमानक, असुरक्षित तथा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मावे में रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और न्यूट्रिलाइजर की मिलावट की गई थी।
जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग ने 19 जून 2026 को थाना एत्माद्दौला के पीछे भूमिया रोड पर गवाहों की उपस्थिति में पूरे 4,000 किलोग्राम मावा को नियमानुसार नष्ट करा दिया। इस कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवीन्द्र सिंह परमार, आशुतोष सिंह, राकेश कुमार, राकेश कुमार यादव, सुरेन्द्र कुमार चौरसिया तथा अमित सिंह सहित विभागीय टीम मौजूद रही।
इसी विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की चार टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान 12 खाद्य नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। जिन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए उनमें वीरेन्द्र पाल सिंह डेयरी (डौकी), अजंता डेयरी मिल्क एंड फूड प्रा. लि. (कमला नगर), पूजा डेयरी (जगदीशपुरा), शिवांगी मिल्क प्रोडक्ट्स (मनीष नगर) तथा अमूल वेयर हाउस (छलेसर) सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं।
जांच के लिए भेजे गए नमूनों में सपरेटा दूध, दही सपरेटा, क्रीम, मोजरेला चीज, मलाई बर्फी, अमूल घी, अमूल मलाई पनीर, मिश्रित दूध, अमूल मिठाई मेट, अमूल डबल टोंड मिल्क तथा अमूल कैमल मिल्क शामिल हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेष अभियान के दौरान शमशाबाद बाईपास रोड पर बजाज एजेंसी के निकट वाहन संख्या UP80FT4217 बोलेरो मैक्स ट्रक की जांच के दौरान चालक जगराम सिंह के कब्जे से 958 लीटर मिश्रित दूध बरामद किया गया। प्राथमिक जांच में दूध मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद पूरे 958 लीटर दूध को नष्ट करा दिया गया। इस दूध की अनुमानित कीमत 23,950 रुपये बताई गई।
यदि दोनों प्रमुख नष्ट की गई खाद्य सामग्री को जोड़कर देखा जाए तो विभाग ने एक ही अभियान में लगभग 4,958 किलोग्राम/लीटर संदिग्ध एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दिए। इनमें 4,000 किलोग्राम मावा तथा 958 लीटर मिश्रित दूध शामिल है। मावे की अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपये तथा दूध की कीमत 23,950 रुपये आंकी गई है।

यह कार्रवाई केवल मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम भी है। यदि यह मिलावटी मावा और मिश्रित दूध बाजार में पहुंच जाता तो हजारों उपभोक्ताओं की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जनता तक केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा।

