आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर आगरा प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। आगामी 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से पहले जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है।

जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नगर के साथ शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सदर बाजार स्थित भगवती देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज सहित अन्य केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया। निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, बैठने की क्षमता, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, सुरक्षा प्रबंध और अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों की पूरी तैयारी सुनिश्चित कर ली जाए ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था सामने न आए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है, इसलिए इसकी निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से भी परीक्षा की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा से पहले अपने-अपने केंद्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण कर लें और यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे तो उसे तत्काल दूर कराया जाए।

गर्मी और भीषण लू को देखते हुए जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों की सुविधा पर विशेष फोकस किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था रहे और शीतल पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश, पंखे और मेडिकल टीम की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे, इसलिए उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर छाया की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां ग्रीन नेट या अस्थायी शेड लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि परीक्षा के दौरान मानवता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, क्योंकि कई अभ्यर्थी दूर-दराज क्षेत्रों से परीक्षा देने पहुंचेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह गंभीर दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को केंद्रों के आसपास अनावश्यक रूप से एकत्र नहीं होने दिया जाए। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय स्थिति में रहें और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली यह परीक्षा जिले के कुल 28 केंद्रों पर संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक पाली में 12,768 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासन का प्रयास इस बार केवल परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि अभ्यर्थियों को बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी है। परीक्षा केंद्रों पर लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत की संभावना को पहले ही खत्म किया जा सके। जिलाधिकारी के निरीक्षण ने साफ कर दिया है कि प्रशासन इस परीक्षा को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा संपन्न कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
