आगरा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का शनिवार का आगरा दौरा राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। खेरिया एयरपोर्ट से लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और सर्किट हाउस तक पूरे दिन कार्यक्रमों की हलचल बनी रही।

उपमुख्यमंत्री ने एक ओर राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में लोकतंत्र, पत्रकारिता, ऊर्जा संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं की समीक्षा भी की। दौरे के दौरान उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
खेरिया एयरपोर्ट पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री का भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। एयरपोर्ट पर योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य, जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, पक्षालिका सिंह, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, धर्मपाल सिंह, विजय शिवहरे, हेमलता दिवाकर कुशवाह, मंजू भदौरिया, प्रशांत पौनिया, राजकुमार गुप्ता, प्रदीप भाटी, जिलाधिकारी मनीष बंसल और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी रही। स्वागत के बाद उपमुख्यमंत्री सीधे डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार पहुंचे।

यहां नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
सम्मेलन में पहुंचने पर पत्रकारों और संगठन पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की साझी जिम्मेदारी है और प्रत्येक व्यक्ति को इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और सरकार के बीच संवाद का मजबूत माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार से कहीं कोई कमी रह जाती है तो पत्रकार उसे सामने लाने का कार्य करते हैं और यदि सरकार अच्छा कार्य करती है तो उसे जनता तक पहुंचाने का दायित्व भी पत्रकारों का होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की बड़ी भूमिका है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल नौकरी या व्यवसाय नहीं बल्कि जिम्मेदारी का कार्य है। जिस तरह डॉक्टर, पुलिस और जनप्रतिनिधि हर समय जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहते हैं, उसी तरह पत्रकार भी 24 घंटे समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
अपने संबोधन में उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में पत्रकारों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि कई समाचार पत्रों ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने पन्ने तक खाली छोड़ दिए थे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आगे भी रहेगी।
उपमुख्यमंत्री ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि इससे समय, संसाधन और धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी और विकास कार्य प्रभावित होते हैं, जबकि एक साथ चुनाव होने पर सरकारें विकास योजनाओं पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगी। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी भी इस विचार को सकारात्मक रूप से देख रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत देश में उत्पादन बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। रक्षा क्षेत्र से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक भारत अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कई चीजों के लिए भारत विदेशी देशों पर निर्भर था, लेकिन अब देश तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।
ऊर्जा संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश आज वैश्विक ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में हर नागरिक को ऊर्जा बचत की आदत अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बचत की परंपरा हमेशा से रही है। जिस तरह बच्चे गुल्लक में पैसे बचाते हैं, उसी तरह ऊर्जा और संसाधनों की बचत भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जाए तो देश विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत कर सकता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई संघर्षों और युद्ध जैसी परिस्थितियों से गुजर रही है, लेकिन भारत शांति, विकास और संवाद का रास्ता दिखाने वाला देश बनकर उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा मिले सम्मानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे देश का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुनिया भारत के विकास मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
सम्मेलन के बाद उपमुख्यमंत्री सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सरकार की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उन्होंने तहसीलों, ब्लॉकों और थानों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन को सरकारी कार्यालयों से निराश होकर वापस नहीं लौटना चाहिए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और लोगों के साथ बेहतर व्यवहार प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास, राशन, पेंशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की समीक्षा भी की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी राशन की कालाबाजारी, आवास योजनाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार, जिलाधिकारी मनीष बंसल, प्रतिभा सिंह, रामायण सिंह यादव, राजन राय, रेनू कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ प्रशासनिक जवाबदेही, पर्यावरण संरक्षण और लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
