आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को ताजमहल मेट्रो स्टेशन जागरूकता, उत्साह और सामाजिक सहभागिता का केंद्र बन गया। यूनेस्को और एक पहल एनजीओ के सहयोग से आयोजित विशेष कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास का संदेश प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। विद्यार्थियों की चित्रकला, नुक्कड़ नाटक और मेट्रो परिसर में हुए जागरूकता अभियानों ने यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भरोसा दिलाया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता गतिविधियों के साथ हुई। ताजगंज कम्पोजिट स्कूल के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर चित्र बनाकर अपनी कल्पनाओं और संदेशों को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों की कलाकृतियों में स्वच्छ हवा, हरियाली, जल संरक्षण और प्रदूषण मुक्त शहर की झलक दिखाई दी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने भी इन चित्रों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान यूनेस्को के प्रतिनिधि शांतनु जादोन ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी इसके लिए जरूरी है। उन्होंने बच्चों को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया और कहा कि छोटी-छोटी आदतें भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं।

एक पहल एनजीओ की टीम ने ‘पर्यावरण बचाओ’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कलाकारों ने पेड़ों की कटाई, नदियों में बढ़ते प्रदूषण और प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को अभिनय के माध्यम से लोगों के सामने रखा। नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया कि यदि समय रहते पर्यावरण को बचाने के प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। नुक्कड़ नाटक को देखने के लिए स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए और कलाकारों के संदेश को सराहा।

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के रूप में तेजी से पहचान बना रही है। मेट्रो न केवल लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध करा रही है, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।

कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को जागरूक बनाकर ही स्वच्छ और हरित भविष्य तैयार किया जा सकता है।
ताजमहल मेट्रो स्टेशन पर आयोजित यह कार्यक्रम यात्रियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। मेट्रो से यात्रा करने पहुंचे लोगों ने जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपने स्तर पर योगदान देने की बात कही। कई यात्रियों ने प्लास्टिक के कम इस्तेमाल, पौधारोपण और जल संरक्षण जैसे संकल्प लिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। बच्चों के लिए विशेष मेट्रो ट्रेन राइड का आयोजन भी किया गया, जिसमें उन्हें आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने मेट्रो यात्रा का आनंद लेने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित शहर बनाने के संदेश को भी आत्मसात किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर ताजमहल मेट्रो स्टेशन पर हुआ यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के भीतर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता जगाने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया। बच्चों की भागीदारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रयास और मेट्रो प्रशासन की पहल ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सकता है।
