आगरा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में भव्य समारोह आयोजित किया गया। प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। जनपद के 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और 21-21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि राज्य स्तर पर चयनित आगरा के तीन विद्यार्थियों को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की केंद्र एवं राज्यस्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा प्रधानाचार्यों के सम्मान में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक रानी पक्षालिका सिंह, विधायक चौधरी बाबूलाल, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह मौजूद रहे।

इस अवसर पर लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के संबोधन को छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, प्रधानाचार्यों और जनप्रतिनिधियों ने ध्यानपूर्वक सुना। उनके प्रेरक संबोधन से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

कार्यक्रम में जनपद स्तर पर चयनित कुल 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें हाईस्कूल वर्ग के अभिषेक कुमार पुत्र पुरुषोत्तम, लोकेश पुत्र सुनील, राधिका पुत्री राकेश शर्मा सहित कुल नौ विद्यार्थी तथा इंटरमीडिएट वर्ग की काजल कुमार पुत्री प्रेमदत्त, अंजली पुत्री जल सिंह, जतिन कुमार पुत्र रामवकील, सपना पुत्री पुरुषोत्तम वर्मा सहित कुल 11 विद्यार्थी शामिल रहे। सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल तथा 21 हजार रुपये की सम्मान राशि का डमी चेक प्रदान किया गया।
राज्य स्तर पर जनपद आगरा के उत्तर प्रदेश बोर्ड हाईस्कूल के दो तथा सीबीएसई इंटरमीडिएट के एक विद्यार्थी सहित कुल तीन विद्यार्थियों को लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किया गया। इन विद्यार्थियों को एक-एक टैबलेट, मेडल, प्रशस्ति पत्र तथा एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सम्मान प्राप्त करते ही विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसके पीछे माता-पिता और शिक्षकों का त्याग, संघर्ष एवं समर्पण भी समान रूप से निहित होता है। भारतीय संस्कृति में ‘मातृ देवो भव, पितृ देवो भव एवं गुरु देवो भव’ की परंपरा इसी भावना को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे व्यक्ति कितनी भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ले, वह अपने माता-पिता और गुरुओं के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता। विद्यार्थियों को सदैव उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों की शैक्षिक यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नई संभावनाओं की शुरुआत है। जीवन में आगे अनेक अवसर और चुनौतियां आएंगी, जिनका सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कभी भी अपनी उपलब्धियों पर रुकें नहीं, बल्कि हमेशा ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई विद्यार्थी शत-प्रतिशत अंक भी प्राप्त कर लेता है, तब भी उसे आगे और बेहतर करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। जो व्यक्ति अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट होकर ठहर जाता है, उसकी प्रगति रुक जाती है। आत्मविश्वास, अनुशासन और सतत प्रयास ही जीवन में बड़ी सफलता का आधार हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अभिभावकों, शिक्षकों तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन से जुड़े अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के मेधावी छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण को सम्मानित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आगरा के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के लिए एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है, जबकि जनपद स्तर पर चयनित 20 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनकी उपलब्धियों का गौरवपूर्ण प्रतीक है और अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
महापौर ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे की अपनी अलग प्रतिभा और रुचि होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता को समझें तथा उन्हें उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी पसंद और योग्यता के अनुरूप मार्गदर्शन दिया जाए, जिससे वे जीवन में अधिक सफल और संतुष्ट बन सकें।
उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रतिभाशाली विद्यार्थी भविष्य में जनपद, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम में डीआईओएस चंद्रशेखर, पीडी डीआरडीए रेनू सहित अन्य संबंधित अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

