आगरा। प्रदेश में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश 24 जून तक बढ़ा दिया है। अब प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं 25 जून से संचालित होंगी। वहीं 22 से 24 जून तक शिक्षक विद्यालय पहुंचकर नई शैक्षणिक व्यवस्था की तैयारियां करेंगे। यूटा आगरा ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे छात्र एवं शिक्षक हित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है।

उत्तर प्रदेश शासन ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए विद्यालयों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि अब 24 जून 2026 तक रहेगी। विद्यार्थियों के लिए विद्यालय 25 जून से नियमित रूप से खुलेंगे और उसी दिन से पठन-पाठन प्रारंभ होगा।
शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अवकाश की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि 22, 23 एवं 24 जून को शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, कक्षाओं की तैयारी, पाठ्य सामग्री का व्यवस्थित रख-रखाव, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, शौचालयों की सफाई सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि 25 जून से बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में छात्र-शिक्षक संयुक्त रूप से योग कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही आरटीई अधिनियम के तहत निर्धारित न्यूनतम शिक्षण दिवसों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
इस निर्णय का यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) आगरा ने स्वागत किया है। यूटा आगरा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने कहा कि संगठन लगातार भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों को 1 जुलाई से खोलने की मांग शासन एवं प्रशासन के समक्ष उठा रहा था। शासन ने परिस्थितियों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया है, जो सराहनीय है।
राजीव वर्मा ने कहा कि वर्तमान मौसम में छोटे बच्चों को तेज धूप और हीट वेव के बीच विद्यालय भेजना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे में सरकार का यह निर्णय लाखों छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को राहत देने वाला है। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा बेसिक शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय लिया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं तथा विद्यार्थियों के हित से जुड़े विषयों पर सरकार इसी प्रकार सकारात्मक और समयानुकूल निर्णय लेती रहेगी। शासन के इस आदेश के बाद प्रदेश भर के विद्यालय अब 25 जून से नए उत्साह और आवश्यक तैयारियों के साथ नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ करेंगे।
