आगरा। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने शनिवार को एत्मादपुर विकास खंड के दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, अभिलेखों तथा शासन से प्राप्त धनराशि के उपयोग की गहन समीक्षा की गई। मुखबार स्थित विद्यालय में वर्ष 2018 से अनुपस्थित एक सहायक अध्यापक का मामला सामने आया, जबकि दोनों विद्यालयों में स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था में कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही सरकारी धनराशि का नियमानुसार उपयोग, स्टॉक रजिस्टर का अद्यतन संधारण और सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करने के आदेश भी दिए गए।

आगरा में सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी ने शनिवार को विकास खंड एत्मादपुर के मुखबार और खेड़ी अड़ु स्थित विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों के नामांकन, परिसर की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए।

निरीक्षण की शुरुआत मुखबार स्थित कम्पोजिट विद्यालय से हुई। यहां मुख्य विकास अधिकारी ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और शिक्षकों की उपलब्धता की जानकारी ली। विद्यालय में कुल 169 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से निरीक्षण के समय 105 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यालय में कुल नौ अध्यापक तैनात हैं। निरीक्षण के दौरान दो शिक्षामित्र स्वीकृत अवकाश पर थीं।
इसी दौरान सहायक अध्यापक सोमवीर सिंह अनुपस्थित पाए गए। प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह मई 2018 से लगातार विद्यालय नहीं आ रहे हैं तथा उनके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई पहले से प्रचलित है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि लंबित प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाते हुए आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।
इसके बाद विद्यालय परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की स्थिति का निरीक्षण किया गया। परिसर और शौचालयों की साफ-सफाई अपेक्षित स्तर की नहीं मिली। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुखबार स्थित विद्यालय में पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करने पर आरओ सिस्टम बंद मिला। इससे विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही थी। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरओ सिस्टम की तत्काल मरम्मत कराकर पेयजल व्यवस्था सुचारु कराई जाए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी खेड़ी अड़ु स्थित विद्यालय पहुंचे। यहां भी विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई की समीक्षा की गई। निरीक्षण में दोनों व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पाई गई। इस पर विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परिसर की नियमित सफाई कराई जाए तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों में शासन से प्राप्त धनराशि के उपयोग की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मद में प्राप्त धनराशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार किया जाए। विद्यालयों द्वारा खरीदी गई सभी सामग्री का विवरण स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाए तथा प्रत्येक खरीद का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालयों के अभिलेखों, उपस्थिति पंजिका और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल पठन-पाठन की व्यवस्था बेहतर होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वच्छ परिसर, सुरक्षित वातावरण, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं और सरकारी संसाधनों का पारदर्शी उपयोग भी उतना ही आवश्यक है। इन सभी व्यवस्थाओं का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके समग्र विकास पर पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित सभी कमियों का समयबद्ध ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायत और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यालयों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सभी अभिलेख अद्यतन रखे जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी निरीक्षण के दौरान अनियमितता सामने न आए।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नियमित निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। जहां व्यवस्थाएं बेहतर मिलेंगी, वहां उन्हें और मजबूत किया जाएगा, जबकि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
