आगरा। अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी कर परिवहन करने वालों के खिलाफ आगरा प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशन में राजस्व, खनन, परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर 2603 वाहनों की सघन जांच की। कार्रवाई के दौरान 91 वाहनों को विभिन्न थानों और चौकियों में जब्त किया गया, जबकि 277 वाहनों के चालान काटे गए। बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट छिपाकर या उससे छेड़छाड़ कर परिवहन करने वाले 251 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई, जिनमें से 47 वाहनों को सीज कर दिया गया।

जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। 22 मई से 28 मई तक जिले के विभिन्न मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर संयुक्त टीमों ने व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन और नियमों के विरुद्ध परिवहन करने वालों में हड़कंप की स्थिति रही।
विशेष अभियान के दौरान राजस्व विभाग, खनन विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने ओवरलोड वाहनों, बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन कर रहे वाहनों और बिना अनुमति खनिज ढुलाई करने वालों की गहन जांच की। कई वाहन ऐसे पाए गए जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। कुछ वाहन बिना आईएसटीपी के संचालन करते मिले, जबकि कई वाहन बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के सड़कों पर दौड़ते पाए गए।
प्रशासन ने विशेष रूप से उन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जो नंबर प्लेट ढककर या उसमें छेड़छाड़ कर परिवहन कर रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि कई वाहन चालक पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट पर कपड़ा, मिट्टी या अन्य सामग्री लगाकर चलते हैं। इससे न केवल निगरानी व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि अपराध नियंत्रण में भी दिक्कतें आती हैं। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल चालान और सीज की कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार ओवरलोडिंग और अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि सड़क सुरक्षा और आम जनता के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं। भारी और ओवरलोड वाहन सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। ऐसे वाहनों से सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है। यही कारण है कि प्रशासन ने इस पूरे अभियान को प्राथमिकता के साथ चलाया।
संयुक्त टास्क फोर्स ने चेकिंग के दौरान वाहनों के दस्तावेज, खनिज परिवहन अनुमति पत्र, रॉयल्टी स्लिप और तकनीकी मानकों की भी जांच की। कई मामलों में चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। जिन वाहनों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं, उन्हें विभिन्न थाना क्षेत्रों और पुलिस चौकियों में खड़ा कराया गया।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिवहन व्यवस्था को नियमबद्ध बनाना है।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर विशेष फोकस रखा। अधिकारियों का कहना है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे वाहन की पहचान आसान होती है। बिना एचएसआरपी या फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने वाहन मालिकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें। बिना अनुमति, बिना वैध कागजात या नियमों के विरुद्ध परिवहन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी जिलेभर में इस प्रकार के संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग की रोकथाम के लिए चलाया गया यह अभियान प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाता है। संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और जिले में कानून व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
