आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के अंतर्गत संचालित बीएड, एलएलबी और बीएएलएलबी पाठ्यक्रमों की मुख्य परीक्षाएं 25 मई 2026 से शुरू होने जा रही हैं। आगरा समेत चार जिलों में 47 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। छात्रों के लिए अब अंतिम समय में रणनीति बनाकर तैयारी मजबूत करने का समय है।
आगरा के हजारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित बीएड, एलएलबी और बीएएलएलबी पाठ्यक्रमों की मुख्य परीक्षाएं 25 मई सोमवार से शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस बार बीएड पाठ्यक्रम में 38,467 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं एलएलबी पाठ्यक्रम के 6,558 छात्र परीक्षा देंगे, जबकि बीएएलएलबी में 2,620 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। कुल मिलाकर 47,645 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे।
परीक्षाओं के संचालन के लिए आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में कुल 27 नोडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या अव्यवस्था न हो।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी नोडल केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। इसके अलावा उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेगा, जो परीक्षा केंद्रों पर अचानक निरीक्षण करेगा। केंद्र पर्यवेक्षक और कक्ष निरीक्षकों की तैनाती भी की जा रही है।
परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों से सहयोग मांगा गया है। आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी, जिससे परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी केंद्राध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान अनुशासन, गोपनीयता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी स्थिति में नियमों से समझौता नहीं होना चाहिए।
छात्रों के लिए यह समय तैयारी को अंतिम रूप देने का है। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को अब नए विषय शुरू करने के बजाय अपने नोट्स और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिवीजन करना चाहिए। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने से परीक्षा पैटर्न समझने में मदद मिलेगी।
छात्रों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या प्रतिबंधित सामग्री ले जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस बार निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक सख्त रहने वाली है।
आगरा और आसपास के जिलों के हजारों छात्र अब परीक्षा की तैयारी के अंतिम चरण में हैं। आने वाले दिनों में यह परीक्षा उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
