आगरा। जिले में स्कूल चलो अभियान के पहले चरण के बाद भी 302 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक में एक भी नए छात्र का प्रवेश नहीं होने से बेसिक शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। प्रेरणा पोर्टल की समीक्षा में शून्य नामांकन की स्थिति सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के मई माह के वेतन पर रोक लगाने के साथ ही नामांकन बढ़ाने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही घर-घर संपर्क अभियान चलाकर प्रवेश बढ़ाने और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिले में बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और शिक्षा की मुख्यधारा तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा स्कूल चलो अभियान इस बार कई क्षेत्रों में अपेक्षित परिणाम देता दिखाई नहीं दे रहा है। अभियान के पहले चरण की समीक्षा के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय सामने आए हैं, जहां कक्षा एक में एक भी नए छात्र का प्रवेश नहीं हुआ।
प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 302 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक का नामांकन पूरी तरह शून्य पाया गया है। इनमें 251 प्राथमिक विद्यालय और 51 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब सरकारी स्तर पर लगातार नामांकन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों और क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विद्यालय ऐसे मिले हैं जहां एक भी नया छात्र दर्ज नहीं हुआ। समीक्षा में अछनेरा क्षेत्र के चार प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकन शून्य पाया गया। आगरा नगर निगम क्षेत्र में चार प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी यही स्थिति सामने आई। अकोला क्षेत्र में पांच प्राथमिक विद्यालयों में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ।
बाह क्षेत्र में स्थिति अधिक चिंताजनक पाई गई, जहां 24 प्राथमिक और 12 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा। बरौली अहीर क्षेत्र में 12 प्राथमिक विद्यालयों में नए छात्र नहीं जुड़े। एत्मादपुर में चार प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक भी प्रवेश नहीं मिला। फतेहाबाद क्षेत्र में 26 प्राथमिक और सात उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी कक्षा एक में कोई नया नामांकन नहीं हुआ।
इसी प्रकार फतेहपुर सीकरी में दो प्राथमिक विद्यालय, जगनेर में 26 प्राथमिक और तीन उच्च प्राथमिक विद्यालय, जैतपुर कलां में 44 प्राथमिक और 11 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शून्य नामांकन की स्थिति सामने आई। खंदौली में तीन उच्च प्राथमिक विद्यालय, खेड़ागढ़ में 10 प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालय, पिनाहट में 13 प्राथमिक विद्यालय, सैयां में 11 प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा शमसाबाद क्षेत्र में 43 प्राथमिक और छह उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक में एक भी नया छात्र नहीं जुड़ा।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से जवाब तलब किया जाए तथा मई माह का वेतन अवरुद्ध किया जाए। विभाग का मानना है कि विद्यालय स्तर पर यदि समय रहते प्रभावी प्रयास किए गए होते तो यह स्थिति सामने नहीं आती।
इसके साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों के शिक्षक और प्रधानाध्यापक घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाएं और अभिभावकों को बच्चों के प्रवेश के लिए प्रेरित करें। अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षा की उपयोगिता और बच्चों के भविष्य से जुड़े पहलुओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन की स्थिति को तत्काल अपडेट किया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और स्कूल चलो अभियान को सफल बनाना भी है। अब आने वाले दिनों में नामांकन बढ़ाने की दिशा में विभागीय प्रयासों और विद्यालयों की सक्रियता पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
