आगरा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने तथा उनके उत्पादों के विपणन के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एमएसएमई–विकास कार्यालय, आगरा द्वारा दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का शुभारंभ किया गया।

यह मेला 10 से 11 मार्च तक डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 10 मार्च को गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में नेहा महतो, सहायक निदेशक (ग्रेड–I), एमएसएमई–डीएफओ, आगरा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कारीगरों एवं शिल्पकारों को मिलने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी दी।

इसके बाद विष्णु कुमार वर्मा, निदेशक, एमएसएमई–डीएफओ, आगरा ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने के साथ उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. आशु रानी, कुलपति, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कारीगरों को आधुनिक विपणन व्यवस्था और तकनीकी ज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, डीएसडब्ल्यू, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने विश्वविद्यालय द्वारा उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन पुरुषोत्तम मयूरा और डॉ. नीरज कुशवाह ने किया, जबकि गायन प्रस्तुतियों का प्रतिनिधित्व डॉ. देवाशीष गांगुली ने किया। तबला वादन शुभाशीष गांगुली ने प्रस्तुत किया तथा ललित कला संस्थान के छात्रों ने भी संगीत की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
देशदीप शर्मा और अभिषेक शुक्ला ने “छाप तिलक” गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की। इसके अलावा राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी नृत्य और गणेश वंदना सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। रिगुल शर्मा, रेंया, नियति, शिवानी, ख्याति वर्मा, रजत, काजल और प्रिया मिश्रा ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुश उपाध्याय और शुभम सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
दो दिवसीय इस प्रदर्शनी सह व्यापार मेले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों के उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे उन्हें बाजार से जोड़ने और उनके कार्य को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिल रहा है।

