आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के सेठ पदम चंद जैन संस्थान में आज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, आगरा तथा दाऊ दयाल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार और व्यवसाय के नए अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेश कुमार, राहुल जैन, अवधेश कुमार, रविकांत यादव और प्रो. शरद कुमार उपाध्याय ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर रविकांत यादव, यंग प्रोफेशनल, MSME, DFO, आगरा ने कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी के बारे में सोचने के बजाय उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास नया विचार, नवाचार या समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच है, तो उसे तुरंत लागू करने का प्रयास करना चाहिए। इससे प्रारंभिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कम होती है और नई संभावनाएँ विकसित होती हैं।
राहुल जैन, असिस्टेंट डायरेक्टर, NSSHO, आगरा ने उद्यम शुरू करने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों और फाइलों की तैयारी कैसे की जाती है। उन्होंने उद्यम पंजीकरण की महत्ता बताते हुए नेशनल SC/ST हब जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
योगेश कुमार, सहायक निदेशक, पीपीडीसी आगरा ने बताया कि MSME के अंतर्गत उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने तीन मुख्य विभाग—मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेनिंग और टेस्टिंग—के माध्यम से तकनीकी और व्यावसायिक सहयोग की जानकारी दी।
अवधेश कुमार, सहायक निदेशक, MSME, DFO, आगरा ने प्रतिभागियों को सरकारी वेबसाइटों, योजनाओं तथा उपलब्ध सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचिरा प्रसाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रवीन कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रो. संतोष बिहारी शर्मा, प्रो. ब्रजेश रावत, डॉ. स्वाति माथुर, डॉ. शिखा कन्नौजिया, डॉ. उपासना, निशांत चौहान, डॉ. नवीन कुमार गुप्ता, डॉ. आशीष मिश्रा, सुश्री लक्की आर्य, सुनील कुमार, मयूरी और पल्लवी सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बीबीए, बीसीए और बीकॉम के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपने व्यवसायिक विचारों और संभावनाओं पर चर्चा की।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और नवाचार तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम ने युवाओं को यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी के माध्यम से वे स्वयं का सफल व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं और रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकते हैं।

