आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) संस्थान में आयोजित 21 दिवसीय एआई ओरिएंटेशन कार्यक्रम “AI for All” के द्वितीय दिवस पर माइक्रोसॉफ्ट के एआई अनुप्रयोगों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशू रानी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के दूसरे दिन विषय विशेषज्ञ के रूप में आईईटी संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश कुमार ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) में माइक्रोसॉफ्ट और उसके अनुप्रयोग” विषय पर विस्तार से व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने अत्यंत सरल और रोचक ढंग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणाओं के साथ माइक्रोसॉफ्ट के विभिन्न एआई टूल्स और उनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी।

डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ऐसी उन्नत तकनीक है जिसके माध्यम से कंप्यूटर और डिजिटल प्रणालियां मानव बुद्धि की तरह सीखने, विश्लेषण करने, निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होती हैं। उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट के एआई आधारित प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन के माध्यम से दैनिक जीवन, शिक्षा और अनुसंधान कार्यों को अधिक प्रभावी और सरल बनाया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि शोधार्थी और शिक्षक रिसर्च पेपर खोजने, संदर्भ (रेफरेंस) तैयार करने, डेटा विश्लेषण करने, प्रस्तुतीकरण तैयार करने तथा विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में माइक्रोसॉफ्ट के एआई टूल्स का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और प्रशासनिक कार्यों में तेजी से नई संभावनाएं उत्पन्न कर रही है तथा आने वाले समय में इसका महत्व और अधिक बढ़ेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिल्पी लवानिया ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों तथा सम्बद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक, कर्मचारी और शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि यह 21 दिवसीय एआई ओरिएंटेशन कार्यक्रम प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी समझ और उसके व्यावहारिक उपयोगों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो शिक्षण, शोध और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करेगा।

