वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की परिचर्चा में बदलते शादी बाजार पर मंथन, एंटरटेनमेंट, मिठाई, गिफ्टिंग और केटरिंग को आधुनिक शादियों के प्रमुख आधार के रूप में किया गया रेखांकित
आगरा। भारतीय शादियों का बदलता स्वरूप अब केवल पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं रह गया है। शादी समारोह में मनोरंजन, खानपान, मिठाई, गिफ्टिंग और मेहमानों के अनुभव को लेकर लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी बदलती वेडिंग इकोनॉमी और उससे जुड़े कारोबार के विभिन्न पहलुओं पर वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, यूपी-इंडिया की ओर से होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट, फतेहाबाद रोड में परिचर्चा आयोजित की गई। ‘बियॉन्ड द मंडप : द बिजनेस ऑफ शादी इकोनॉमी’ विषय पर हुई परिचर्चा में मनोरंजन से लेकर पारंपरिक मिठाइयों, फ्यूजन स्वीट्स, गिफ्ट हैंपर्स, रिटर्न गिफ्ट्स और केटरिंग के बदलते बाजार पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में आगरा के होटल, केटरिंग, डेकोरेशन, गिफ्टिंग और एंटरटेनमेंट क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, यूपी-इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शादी से जुड़े विभिन्न कारोबार और बदलती ग्राहक मांग को एक मंच पर सामने लाना रहा। कार्यक्रम की थीम ‘एंटरटेनमेंट, फ्लेवर्स एंड गिफ्टिंग – द थ्री पिलर्स ऑफ मॉडर्न इंडियन वेडिंग्स’ रखी गई। इसके तहत चार प्रमुख सत्रों में शादी के कारोबार से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में यह बात सामने आई कि आधुनिक शादी में ग्राहक केवल परंपरा पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समारोह को यादगार बनाने के लिए मनोरंजन, स्वाद, प्रस्तुति और मेहमानों के अनुभव को भी प्राथमिकता दे रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, वरिष्ठ उद्यमी अमित गोयल, होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट के महाप्रबंधक, इंडस्ट्री एक्सपर्ट दीप मोहन सिंह अनरेजा, डायरेक्टर सेल्स मोहित अग्रवाल, एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी संदीप उपाध्याय, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल और पंकज गोयल ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद शादी की बदलती अर्थव्यवस्था और उससे जुड़े व्यवसायों पर केंद्रित सत्रों का क्रम शुरू हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि भारतीय शादियां अब केवल परंपरा नहीं रह गई हैं, बल्कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था का रूप ले चुकी हैं। शादी से जुड़े अलग-अलग कारोबार में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं और ग्राहक की पसंद भी समय के साथ बदल रही है। इसी बदलाव को समझने और उद्योग से जुड़े लोगों के अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के चार प्रमुख सत्रों में मनोरंजन और कलाकारों से लेकर मिठाई तथा नमकीन, गिफ्टिंग और केटरिंग तक के विषय शामिल किए गए। पहले सत्र ‘एंटरटेनमेंट एंड आर्टिस्ट्स: संगीत से स्पॉटलाइट तक – हाउ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इज ड्राइविंग वेडिंग इकोनॉमी’ में इस बात पर चर्चा हुई कि शादी समारोह में मनोरंजन का स्थान किस तरह तेजी से बढ़ा है। दूसरे सत्र ‘स्वाद का व्यापार: स्वीट्स, नमकीन एंड मिठाई – स्केलिंग ट्रेडिशनल टेस्ट इनटू अ नेशनल बिजनेस’ में पारंपरिक स्वाद को नए बाजार और बदलती पसंद से जोड़ने पर विचार रखा गया। तीसरे सत्र ‘द गिफ्टिंग रेवोल्यूशन: गिफ्ट हैंपर्स एंड रिटर्न गिफ्ट्स – फ्रॉम ट्रेडिशन टू लग्जरी ट्रेंड’ में गिफ्टिंग के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। चौथे सत्र ‘केटरिंग एंड क्युलिनरी आर्ट: केटरर्स आर द रियल स्टार्स – इनोवेशन, प्रेजेंटेशन एंड गेस्ट एक्सपीरियंस’ में खानपान, प्रस्तुति और मेहमानों के अनुभव को केंद्र में रखा गया।
परिचर्चा का महत्वपूर्ण सत्र ‘स्वाद का व्यापार – स्वीट्स एंड नमकीन का बदलता दौर’ रहा। इसका संचालन डायरेक्टर गोपाल दास पेठे वाले अमित गोयल ने किया। सत्र में दाऊजी मिष्ठान भंडार से जय अग्रवाल, देवीराम स्वीट्स से संदीप अग्रवाल और सेज केटरर्स से हार्दिक अग्रवाल वक्ता के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने शादी समारोह में मिठाई और नमकीन की बदलती मांग पर विस्तार से अपनी बात रखी।
वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में जेनजी पारंपरिक मिठाइयों से आगे बढ़कर फ्यूजन मिठाइयों की ओर भी आकर्षित हो रहा है। नई पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हुए मिठाई के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग करने की जरूरत है। ग्राहकों की मांग को समझना और उसी के अनुसार नए दौर की मिठाइयां तैयार करना कारोबार के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। शादी समारोह में मिठाई की प्रस्तुति और उसके नए रूप को लेकर भी ग्राहकों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं।
हालांकि परिचर्चा में पारंपरिक मिठाइयों की उपयोगिता को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि पारंपरिक स्वाद वाली मिठाइयों की मांग आज भी बनी हुई है। पूजा-पाठ जैसे अवसरों पर पारंपरिक मिठाइयों का ही महत्व है और ऐसे आयोजनों में फ्यूजन या नए दौर की मिठाइयां उसी तरह स्थान नहीं ले सकतीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बदलती पसंद के बावजूद पारंपरिक स्वाद का बाजार अपनी जगह कायम है।
चर्चा में ब्रज क्षेत्र की मिठाइयों की विशिष्ट पहचान का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं के अनुसार ब्रज की अपनी खासियत है और यहां की मिठाइयां देशभर में होने वाली प्रमुख शादियों में शामिल की जाती हैं। इससे स्थानीय पारंपरिक स्वाद को व्यापक बाजार मिलने की बात सामने आई। एक ओर नई पीढ़ी के लिए फ्यूजन मिठाइयों की मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक अवसरों और आयोजनों में पुराने स्वाद का महत्व कायम है।
एंटरटेनमेंट सेशन में शादी समारोह में मनोरंजन की बढ़ती भूमिका पर चर्चा हुई। इस सत्र का संचालन पुनीत अग्रवाल ने किया। सनी गुप्ता, विष्णु शर्मा, राहुल कुशवाहा, भूरा भाई, हर्ष सिसोदिया, शिखा जैन और कमलप्रीत सिंह इसमें वक्ता के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि अब शादी की तैयारियों में मनोरंजन पर ग्राहक का ध्यान शुरुआती दौर में ही केंद्रित हो जाता है। शादी में होने वाले दूसरे इंतजामों के साथ एंटरटेनमेंट भी ग्राहक की प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है।
वक्ताओं के अनुसार आज लगभग हर ग्राहक अपनी शादी में कुछ अलग और यादगार करना चाहता है। इसी मांग के कारण एंटरटेनमेंट का बजट पहले की तुलना में काफी बड़ा हुआ है। शादी के अलग-अलग रिचुअल्स को भी मनोरंजन से जोड़ने का चलन बढ़ा है। हल्दी और लेडीज संगीत जैसे कार्यक्रमों में मनोरंजन की भूमिका विशेष रूप से बढ़ी है। इन आयोजनों में केवल रस्म पूरी करने के बजाय प्रस्तुति और मनोरंजन को समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
एंटरटेनमेंट क्षेत्र में लाइव बैंड, फ्यूजन बैंड और इंडियन बैंड के साथ वेस्टर्न डांस की मांग का भी उल्लेख किया गया। इसके साथ अब फोक डांस को लेकर भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है। इससे शादी समारोह में मनोरंजन के विकल्पों के विस्तार का संकेत मिला। ग्राहक अपने कार्यक्रम के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग प्रस्तुतियों को शामिल करना चाहता है और शादी के प्रत्येक प्रमुख आयोजन को अलग अनुभव देने की कोशिश की जा रही है।
दूल्हा-दुल्हन की एंट्री को लेकर भी लोगों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। एंट्री को प्रभावी और आकर्षक बनाने के लिए अलग-अलग इफेक्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें पेपर ब्लास्ट, सीओ2 गैस, स्काई शॉट और कोल्ड अनार जैसे इफेक्ट शामिल हैं। वक्ताओं ने बताया कि इनका इस्तेमाल दूल्हा-दुल्हन की एंट्री को समारोह के प्रमुख आकर्षणों में बदलने के लिए किया जाता है। शादी के दौरान एंट्री के क्षण को लेकर ग्राहकों की अपेक्षा बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में भी नए प्रयोग सामने आ रहे हैं।
परिचर्चा में गिफ्टिंग और रिटर्न गिफ्ट के बदलते स्वरूप को भी अलग सत्र में शामिल किया गया। ‘द गिफ्टिंग रेवोल्यूशन’ सत्र में गिफ्ट हैंपर्स और रिटर्न गिफ्ट्स के पारंपरिक चलन से लग्जरी ट्रेंड की ओर बढ़ने पर चर्चा की गई। वहीं केटरिंग और क्युलिनरी आर्ट से जुड़े सत्र में केटरर्स की भूमिका, खानपान में नए प्रयोग, भोजन की प्रस्तुति और मेहमानों के अनुभव को केंद्र में रखा गया। चारों सत्रों को एक साथ जोड़ने वाली मुख्य थीम यह रही कि आधुनिक भारतीय शादी में आयोजन से जुड़े हर क्षेत्र में ग्राहक की अपेक्षाएं बदल रही हैं और कारोबार भी उसी के अनुरूप नए रूप ले रहा है।
कार्यक्रम में आगरा के प्रमुख होटलियर्स, केटरर्स, डेकोरेटर्स, गिफ्टिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर से जुड़े बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया। इससे शादी उद्योग से जुड़े अलग-अलग व्यवसायों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। परिचर्चा में पारंपरिक कारोबार को बदलती मांग के साथ जोड़ने, नई पीढ़ी की पसंद समझने और शादी समारोह को बेहतर अनुभव में बदलने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार सामने आए।
कार्यक्रम का संचालन आशीष अरोड़ा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को आगे बढ़ाते हुए वक्ताओं और प्रतिभागियों के बीच संवाद की प्रक्रिया को संचालित किया। समापन अवसर पर एसोसिएशन के एडमिनिस्ट्रेटर अनिल सविता ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सामने आए विचारों में शादी उद्योग के पारंपरिक स्वरूप और आधुनिक कारोबारी जरूरतों के बीच बदलते संबंध को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। परिचर्चा ने यह भी सामने रखा कि शादी से जुड़े कारोबार में ग्राहक की पसंद, मनोरंजन की मांग, स्वाद के नए प्रयोग, गिफ्टिंग के बदलते तौर-तरीके और मेहमानों के अनुभव को लेकर बढ़ती अपेक्षाएं आने वाले समय में इस क्षेत्र की दिशा तय करने वाले प्रमुख पहलू हैं।
