आगरा। रक्षाबंधन के त्योहार ने आगरा के बाजारों में कारोबार की रफ्तार बढ़ा दी। मंगलवार से शुक्रवार तक चली खरीदारी में करीब 120 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इसमें मिठाई बाजार सबसे आगे रहा, जहां 70 से 80 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। अकेले घेवर की करीब 30 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है, जबकि लगभग 20 करोड़ रुपये के चॉकलेट हैम्पर और अन्य चॉकलेट बिके। 20 से 30 करोड़ रुपये का कारोबार पेड़ा, लड्डू, बर्फी, काजू कतली, रसगुल्ले समेत अन्य मिठाइयों में हुआ। राखी, कॉस्मेटिक्स, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कपड़े और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी जमकर खरीदारी हुई। बारिश के बावजूद लुहार गली, राजा मंडी और सदर बाजार जैसे प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बनी रही।
रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों में कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। मंगलवार से ग्राहकों की आवाजाही बढ़नी शुरू हुई और बुधवार को इसमें और तेजी देखने को मिली। त्योहार नजदीक आने के साथ मिठाई, राखी और उपहार की दुकानों पर खरीदारों की संख्या लगातार बढ़ती गई। दुकानदारों के अनुसार इस बार पिछले दो वर्षों की तुलना में बिक्री बेहतर रही। मौसम में बारिश के बावजूद लोगों ने त्योहार की खरीदारी में कमी नहीं की और परिवार के लिए मिठाई, राखी तथा भाई-बहनों के लिए उपहार लेने बाजारों का रुख किया।
मिठाई कारोबार में घेवर इस बार सबसे अधिक मांग में रहा। पारंपरिक मिठाई होने के कारण रक्षाबंधन से पहले और त्योहार के दौरान इसकी अलग-अलग किस्मों की खूब बिक्री हुई। बाजार में करीब 30 करोड़ रुपये के घेवर की बिक्री का अनुमान लगाया गया है। मिठाई की दुकानों पर सामान्य किस्मों के साथ अलग-अलग स्वाद और आकार वाले घेवर भी उपलब्ध रहे। ग्राहकों ने इन्हें उपहार के तौर पर भी खरीदा। कई दुकानों पर घेवर को आकर्षक गिफ्ट पैक में तैयार कर बेचा गया, जिसकी भी अच्छी मांग रही।
भाई-बहन के त्योहार पर उपहार देने के लिए चॉकलेट और चॉकलेट हैम्पर भी लोगों की पसंद बने। करीब 20 करोड़ रुपये के चॉकलेट हैम्पर और अन्य चॉकलेट की बिक्री का अनुमान है। दुकानों पर अलग-अलग आकार और पैकिंग में चॉकलेट उपलब्ध रही। आकर्षक पैक और विशेष उपहार संयोजन ने खास तौर पर युवाओं और बच्चों को आकर्षित किया। इसके अलावा पेड़ा, लड्डू, बर्फी, काजू कतली, रसगुल्ले और अन्य मिठाइयों की बिक्री भी अच्छी रही। इनसे करीब 20 से 30 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
राखी बाजार में भी त्योहार से पहले अच्छी चहल-पहल रही। थोक और फुटकर राखी कारोबार का प्रमुख केंद्र लुहार गली रहा। यहां पारंपरिक राखियों के साथ नए और आकर्षक डिजाइन बाजार में उतारे गए। चंदन, पर्ल और अमेरिकन डायमंड वाली राखियों की मांग विशेष रूप से देखने को मिली। लुहार गली बाजार के अध्यक्ष संदीप गुप्ता के अनुसार यहां करीब 400 दुकानों पर लगभग 10 करोड़ रुपये की राखियों और अन्य सामान की बिक्री का अनुमान है। त्योहार से पहले अंतिम दिनों में खरीदारों की संख्या और बढ़ गई।
महिलाओं ने भी रक्षाबंधन की खरीदारी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कॉस्मेटिक्स और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। चंदन, पर्ल और अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की मांग बनी रही। इसके साथ ही भाइयों के लिए गिफ्ट बॉक्स और चॉकलेट पैक भी खरीदे गए। कॉस्मेटिक्स कारोबारी राजेश अग्रवाल के मुताबिक इस बार बिक्री में करीब 40 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिला। लुहार गली, राजा मंडी और सदर बाजार में कई स्थानों पर भीड़ इतनी रही कि लोगों को चलने तक में परेशानी हुई।
कपड़ों के बाजार ने भी त्योहार की खरीदारी में अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। प्रताप नगर के गारमेंट कारोबारी अशोक माथुरी ने बताया कि युवाओं के बीच इंडो-वेस्टर्न और एथनिक कपड़ों की मांग अधिक रही। महिलाओं और युवतियों ने रक्षाबंधन के लिए विशेष परिधान खरीदे, जबकि बच्चों के रेडीमेड कपड़ों की बिक्री भी तेज रही। भाइयों के लिए नए कपड़े खरीदने का चलन भी इस बार दिखाई दिया। ऑनलाइन शॉपिंग के विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्राहक दुकानों पर पहुंचे और कपड़ों को देखकर तथा ट्राई करके खरीदारी करना पसंद किया।
बाजार में त्योहार से पहले ही बिक्री को लेकर उम्मीदें बढ़ गई थीं। कारोबारियों के स्तर पर शुरुआती अनुमान के मुताबिक रक्षाबंधन से पहले के दिनों में करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की मिठाई और लगभग 10 करोड़ रुपये के गिफ्ट पैक की बिक्री की उम्मीद थी। अंतिम दो दिनों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने से कारोबार में और तेजी आई। इससे मिठाई, उपहार और अन्य त्योहार से जुड़े सामान की बिक्री के अनुमान में भी बढ़ोतरी हुई।
बारिश के मौसम ने बाजार की रफ्तार को प्रभावित करने की आशंका जरूर पैदा की थी, लेकिन खरीदारी पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा। ग्राहक छाते और बारिश से बचने के इंतजाम के साथ बाजारों में पहुंचते रहे। त्योहार की जरूरतों को लेकर लोगों ने मौसम की परवाह किए बिना खरीदारी पूरी की। प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने भी ग्राहकों की सुविधा के लिए सामान को व्यवस्थित तरीके से लगाया और गिफ्ट पैक तथा त्योहार से जुड़े उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया।
ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन के बावजूद स्थानीय दुकानों पर ग्राहकों का भरोसा कायम रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई और मौसम के कारण कुछ खरीदारी प्रभावित हुई, लेकिन रक्षाबंधन को लेकर लोगों के उत्साह में कमी नहीं आई। ग्राहक शिवानी ने बताया कि बाजार में महंगाई जरूर है, लेकिन त्योहार साल में एक बार आता है। उनके अनुसार बाजार जाकर राखी और उपहार खरीदने का अनुभव ऑनलाइन खरीदारी से अलग है। यही वजह है कि लोगों ने स्थानीय बाजारों से सामान खरीदने को प्राथमिकता दी।
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई के अलावा राखी, कपड़े, कॉस्मेटिक्स, ज्वेलरी, गिफ्ट और चॉकलेट से जुड़े कारोबार में भी तेजी रही। बाजारों में परिवार के साथ पहुंचे ग्राहकों ने अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी की। व्यापारियों को त्योहार से पहले के मुकाबले अंतिम दिनों में ज्यादा ग्राहकों के आने से बिक्री बढ़ने का लाभ मिला।
कुल मिलाकर रक्षाबंधन के दौरान आगरा के बाजारों में करीब 120 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इसमें 70 से 80 करोड़ रुपये मिठाई कारोबार से आए। इसके भीतर लगभग 30 करोड़ रुपये का घेवर, करीब 20 करोड़ रुपये की चॉकलेट और चॉकलेट हैम्पर तथा 20 से 30 करोड़ रुपये की अन्य मिठाइयों की बिक्री शामिल रही। शेष कारोबार राखी, कपड़े, कॉस्मेटिक्स, ज्वेलरी, गिफ्ट और अन्य त्योहार से जुड़े सामान से हुआ। इस तरह रक्षाबंधन ने शहर के अलग-अलग बाजारों के कारोबारियों को त्योहार की खरीदारी के रूप में अच्छी बिक्री का मौका दिया।
