आगरा। आगरा में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान को जल्द पूरा कराने के साथ आयुष्मान कार्ड निर्माण और एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र लोगों, राशन कार्ड में छह या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों तथा टीकाकरण से वंचित छात्राओं की पहचान कर शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को आपसी समन्वय, नियमित निगरानी और कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास करने होंगे।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति जानी और लंबित कार्यों की वर्तमान स्थिति के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन बिंदुओं पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई पूरी नहीं हुई है, उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्रमों की लगातार निगरानी करते हुए लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जननी सुरक्षा योजना के मंत्रा पोर्टल पर लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। लाभार्थियों के पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान से संबंधित आंकड़ों को ब्लॉकवार देखा गया। जिलाधिकारी ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों की स्थिति जानने के साथ संबंधित एमओआईसी से भुगतान लंबित रहने के कारण पूछे। उन्होंने निर्देश दिए कि डेटा फीडिंग और सत्यापन में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि मंत्रा पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों और वास्तविक लाभार्थियों की संख्या में किसी तरह का अंतर मिलने पर संबंधित अभिलेखों का मिलान कराया जाए। इसके बाद सही और अद्यतन विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी वास्तविक स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए। लक्ष्य के सापेक्ष जिन क्षेत्रों में प्रगति कम है, वहां विशेष निगरानी रखकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों तथा राशन कार्ड में छह या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की स्थिति जानी। उपलब्ध लाभार्थी सूची के आधार पर संबंधित एमओआईसी और आशा कार्यकत्रियों से नामवार सत्यापन तथा प्रत्येक व्यक्ति के संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि सूची में किसी भी लाभार्थी की स्थिति अस्पष्ट नहीं रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी का गांववार और नामवार सत्यापन कराया जाए। जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, उन्हें सूची में अलग से चिह्नित किया जाए। इसके साथ मृतक लाभार्थियों, गांव से बाहर निवास कर रहे लोगों और ट्रेस न हो पाने वाले व्यक्तियों की स्थिति भी स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि इससे वास्तविक पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और बाकी लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने में आसानी होगी।

उन्होंने अद्यतन एक्सेल सूची तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। सूची में लाभार्थी की वर्तमान स्थिति के साथ कार्ड निर्माण की जानकारी भी दर्ज की जाए। जिलाधिकारी ने लक्ष्य और अब तक बने कार्डों के बीच शेष अंतर को जल्द पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों और बुजुर्गों तक पहुंच बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले हुई प्रगति, विद्यालयों में टीकाकरण की स्थिति और संबंधित अधिकारियों द्वारा किए गए स्कूल भ्रमण की जानकारी ली। जिन विद्यालयों में टीकाकरण पूरा हो चुका है तथा जहां अभी अभियान चलना बाकी है, उनकी स्थिति भी जानी गई। उन्होंने अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अभिभावकों की सहभागिता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र छात्राओं को एचपीवी टीकाकरण से जोड़ने के लिए विद्यालय स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं। जिन छात्राओं का टीकाकरण अभी नहीं हुआ है, उन्हें चिह्नित कर जल्द टीका लगाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में पात्र छात्राओं का टीकाकरण छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए स्कूलवार सूची तैयार कर उसकी लगातार निगरानी की जाए और जिन संस्थानों में उपलब्धि कम है, वहां अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।
उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों की कार्यप्रणाली को दूसरे स्कूलों में भी लागू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन संस्थानों में अभिभावकों की भागीदारी अच्छी रही है या जहां टीकाकरण की प्रगति बेहतर है, वहां अपनाई गई प्रभावी गतिविधियों से अन्य विद्यालय भी सीख ले सकते हैं। इससे अभियान की गति बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को समय पर टीका लगाया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने एचपीवी अभियान की प्रगति में सुधार बनाए रखने के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयवार स्थिति की लगातार समीक्षा करने और शेष लाभार्थियों का जल्द टीकाकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि अभियान के दौरान तैयार किए जा रहे आंकड़ों में वास्तविक स्थिति दर्ज होनी चाहिए, जिससे समीक्षा के समय सही तस्वीर सामने आए।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित संस्थागत प्रसव कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव की स्थिति और निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी रूप से पहुंचता रहे।
संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण के तहत पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने और छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। संचारी तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से क्षेत्रवार गतिविधियों की जानकारी ली गई। दस्तक अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
बैठक में ई-संजीवनी और ई-कवच की प्रगति भी देखी गई। आभा आईडी बनाने की स्थिति के साथ राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई। राष्ट्रीय आंधता निवारण कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। परिवार नियोजन कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रमों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बनाए रखने और जहां उपलब्धि कम है, वहां कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए। केवल कागजी प्रगति के आधार पर कार्य पूरा मानने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक लाभार्थी तक सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब पात्र व्यक्ति को समय पर उसका लाभ मिले। इसलिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्य किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इसी गति को बनाए रखते हुए अधिकारी आपसी समन्वय और नियमित निगरानी के साथ शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कम प्रगति वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष प्रयास करने तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लाभार्थियों के रिकॉर्ड को सही और अद्यतन रखने के साथ विभागीय अधिकारियों को जमीनी स्थिति की लगातार जानकारी लेते रहना होगा। योजनाओं की प्रगति में यदि किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो उसका समाधान संबंधित स्तर पर तत्काल कराया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और आगामी समीक्षा में प्रत्येक कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है और इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी, बेहतर समन्वय तथा लक्ष्य आधारित कार्यवाही जारी रखी जाए।
