आगरा। किडनी के गंभीर मरीजों के लिए आगरा से बड़ी खबर सामने आई है। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में पहली बार गुर्दा प्रत्यारोपण की सर्जरी होने जा रही है। शनिवार को पीएमएसएसवाई सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में पहले मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया की तैयारियों को परखने के लिए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ की विशेषज्ञ टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। दल ने मरीज की स्वास्थ्य स्थिति का क्लिनिकल असेसमेंट किया। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू सहित प्रत्यारोपण से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी तैयारियों का जायजा लेने के बाद विशेषज्ञों ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के पीएमएसएसवाई सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को इस प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया है। विशेषज्ञ दल ने यहां उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों को देखा और प्रत्यारोपण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति परखी। ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। आईसीयू की तैयारियों को भी देखा गया। मरीज से जुड़ी चिकित्सकीय स्थिति का आकलन करने के साथ उपचार प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक पहलुओं की समीक्षा की गई। इस निरीक्षण का उद्देश्य निर्धारित प्रक्रिया के लिए संस्थान की तैयारियों को सुनिश्चित करना रहा।
किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा प्रक्रिया में मरीज की स्थिति का आकलन महत्वपूर्ण होता है। इसी क्रम में विशेषज्ञों ने पहले मरीज का क्लिनिकल असेसमेंट किया। इसके साथ ही उस स्थान का निरीक्षण किया गया जहां सर्जरी प्रस्तावित है। ऑपरेशन के बाद मरीज को आवश्यक निगरानी और उपचार उपलब्ध कराने के लिए आईसीयू की व्यवस्थाएं भी देखी गईं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विशेषज्ञ दल के निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों की व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
मेडिकल कॉलेज में होने वाला यह पहला किडनी ट्रांसप्लांट संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अभी तक आगरा और आसपास के क्षेत्रों से किडनी के गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय प्रत्यारोपण उपचार के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने के बाद ऐसे मरीजों के लिए उपचार की दिशा में एक नया विकल्प तैयार होगा। इससे ताजनगरी के अलावा आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
एसजीपीजीआई लखनऊ की विशेषज्ञ टीम इस पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन दे रही है। विशेषज्ञों ने मेडिकल कॉलेज की टीम के साथ मिलकर सर्जरी से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों के साथ वरिष्ठ डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ भी इस प्रक्रिया के लिए तैयार हैं। संबंधित टीमों के बीच समन्वय के साथ निर्धारित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि संस्थान के इतिहास में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट होना मेडिकल कॉलेज के साथ पूरे ताजनगरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई लखनऊ की विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में फैकल्टी और पैरामेडिकल स्टाफ पूरी तरह तैयार है। पीएमएसएसवाई ब्लॉक में पहले मरीज का प्रत्यारोपण शनिवार को किया जाएगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से आगरा तथा आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। रीनल केयर से जुड़ी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होने से किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर मजबूत होगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए चिकित्सकीय विशेषज्ञता के साथ ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद निगरानी की व्यवस्था भी जरूरी होती है। इसी वजह से एसजीपीजीआई की टीम ने केवल मरीज की स्थिति का परीक्षण नहीं किया बल्कि ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू की तैयारियों को भी देखा। प्रत्यारोपण से जुड़ी अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों की ओर से तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया गया।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक इस प्रक्रिया में नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। दोनों विभागों की टीमों के साथ वरिष्ठ चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मचारी तैयारियों में शामिल हैं। विशेषज्ञ दल के मार्गदर्शन में संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया गया है। संस्थान में पहली बार होने वाली इस प्रक्रिया को लेकर संबंधित चिकित्सा दल पूरी तैयारी के साथ जुटा हुआ है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत होने से आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में भी एक नई सुविधा जुड़ने जा रही है। अब तक जिन मरीजों को गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था उनके लिए स्थानीय स्तर पर उपचार का विकल्प तैयार होगा। आसपास के जिलों से आने वाले मरीज भी इस सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में गंभीर किडनी रोगों के उपचार की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
पहली सर्जरी से पहले विशेषज्ञों ने संस्थान की तैयारियों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को परखा है। मरीज की चिकित्सकीय स्थिति से लेकर ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू तक की व्यवस्था की समीक्षा की जा चुकी है। एसजीपीजीआई की विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में मेडिकल कॉलेज की टीम प्रक्रिया के लिए तैयार है। शनिवार को पीएमएसएसवाई सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में होने वाला यह पहला किडनी ट्रांसप्लांट एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन के साथ नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग की पूरी टीम तथा वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। संस्थान में पहली बार होने वाली इस प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभागों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
