आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी आईईटी खंदारी परिसर में 22 अगस्त को मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया जाएगा। इसमें 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। आईटी और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र के विद्यार्थियों तथा 2025 और 2026 में उत्तीर्ण युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आईईटी में सात नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया भी जारी है जिसमें अब तक 1.60 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज हो चुके हैं।

शुक्रवार को आईईटी परिसर में कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में मेगा प्लेसमेंट ड्राइव की तैयारियों के साथ नए पाठ्यक्रमों और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा की गई। निदेशक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. मनु प्रताप सिंह और विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना ने आयोजन की रूपरेखा तथा अब तक की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।

कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय और आईईटी के विद्यार्थियों के अलावा वर्ष 2025 तथा 2026 में पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार का सीधा अवसर उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच संपर्क को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने तथा उनके करियर विकास को गति देने पर विशेष जोर रहेगा।
प्लेसमेंट कार्यक्रम में आईटी क्षेत्र की कई कंपनियां प्रतिभाग करेंगी। इनमें ओसवार टेक जयपुर। डॉट स्टार्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड। डॉट स्क्वायरस टेक्नोलॉजी। ग्राइंज़ाप आईटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड। फिनसंग इंडिया डिजिटल सॉल्यूशंस। वेल नोन कम्प्यूटर्स कानपुर। नागरो। सिलेबल टेक्नोलॉजी जयपुर। मेटक्यूब सॉफ्टवेयर और डाटा इन्फोसिस शामिल हैं।
कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को कई नामी कंपनियों के सामने अपनी योग्यता दिखाने का मौका मिलेगा। इस श्रेणी में किआ मोटर्स। व्हर्लपूल। मिरेकल ग्रुप। एमआरएफ। यूनिवर्सल फाउंड्री। जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड। आदिशक्ति ग्रुप। श्री बालाजी इंडस्ट्रीज। प्रेसिशन ऑटो कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड। एपेक्स इंडस्ट्रीज और जेबीएम ऑटो शामिल हैं।
आयोजकों के अनुसार यह प्रक्रिया केवल कंप्यूटर साइंस तक सीमित नहीं रहेगी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग से जुड़े विद्यार्थियों के लिए भी अवसर उपलब्ध रहेंगे। इस कारण तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विभिन्न शाखाओं के युवाओं के लिए कार्यक्रम उपयोगी माना जा रहा है।
प्लेसमेंट ड्राइव में सत्र 2025 और 2026 में उत्तीर्ण विद्यार्थी तथा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी संबंधित कंपनी के निर्धारित पात्रता मानकों के अनुसार भाग ले सकेंगे। मुख्य रूप से बीई सीएसई और संबंधित आईटी शाखाओं के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग। एमसीए। बीसीए और पीजीडीसीए के विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिलने की बात कही गई है।
आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और संस्थागत समन्वय को अंतिम रूप दिया गया है। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस देवेंद्र सक्सेना ने अपने लंबे औद्योगिक और एचआर अनुभव का इस्तेमाल करते हुए कंपनियों से संपर्क बढ़ाने तथा उद्योग और संस्थान के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिली है।
प्रेस वार्ता में आईईटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रारंभ होने वाले सात नए तकनीकी पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। इनमें बीई स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा फुटवियर इंजीनियरिंग शामिल हैं। एमई स्तर पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग। मैकेनिकल इंजीनियरिंग। सिविल इंजीनियरिंग। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
बीई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की अवधि चार वर्ष यानी आठ सेमेस्टर होगी। बीई फुटवियर की अवधि भी चार वर्ष और आठ सेमेस्टर निर्धारित की गई है। सभी एमई पाठ्यक्रम दो वर्ष यानी चार सेमेस्टर के होंगे। इन पाठ्यक्रमों का वार्षिक शैक्षणिक शुल्क 70 हजार रुपये बताया गया है।
कुलपति ने बताया कि नए पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। मशीन लर्निंग। उन्नत इंजीनियरिंग तथा फुटवियर डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों से जुड़ा ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर रहेगा। तकनीकी दक्षता। प्रयोगात्मक अधिगम। समस्या समाधान क्षमता। शोध के प्रति रुचि और नवाचार जैसी क्षमताओं को विकसित करने की योजना है।
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया 2026-27 को लेकर भी प्रेस वार्ता में आंकड़े साझा किए गए। अधिकारियों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया 5 मई 2026 से प्रारंभ हुई थी और वर्तमान में जारी है। अब तक 1,60,222 पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 1,31,909 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण शुल्क जमा किया है। विश्वविद्यालय को 1,41,959 आवेदन पत्र प्राप्त होने की जानकारी दी गई।
प्रवेश प्रक्रिया में 556 महाविद्यालय शामिल हैं जबकि 206 कार्यक्रमों में दाखिले किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। विद्यार्थियों से कहा गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूरा कर लें ताकि आवेदन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रवेश संबंधी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए एडमिशन सेल से संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध है। विद्यार्थियों की सहायता के लिए प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित यूट्यूब ट्यूटोरियल भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन से जुड़े विभिन्न चरणों को समझने में मदद मिलने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर आईईटी में आयोजित होने वाला 22 अगस्त का मेगा प्लेसमेंट ड्राइव तकनीकी विद्यार्थियों के लिए रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आया है। एक ही मंच पर आईटी और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी से युवाओं को अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में विकल्प तलाशने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय की ओर से उद्योग से जुड़ाव बढ़ाने के साथ रोजगारपरक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के आयोजन में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग की टीम से डॉ. संदीप शर्मा और तरुण श्रीवास्तव की भूमिका रही। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय मिश्रा पीसीएस। डॉ. राजेश लवानिया जो कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हैं। डॉ. गिरीश कुमार सिंह जो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के प्रमुख हैं। डॉ. मयंक प्रताप जो इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हैं। इंजी. विपिन कुमार जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हैं तथा प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस देवेंद्र सक्सेना मौजूद रहे।
इसके अलावा डॉ. रेखा शर्मा। हिमांशु। दीपक और शिवानी गुप्ता भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्लेसमेंट आयोजन के साथ नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने और प्रवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी और औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
