आगरा। रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते की डोर के साथ लोगों ने प्रकृति से भी रक्षा का रिश्ता जोड़ा। वृक्षारोपण जन अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को आगरा वन प्रभाग की किरावली, बाह, पिनाहट और जैतपुर रेंज में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन कर्मियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं ने पौधरोपण में भाग लिया। इसके बाद वृक्षों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में ‘वृक्ष है तो रक्षा है’ का संदेश देकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
रक्षाबंधन पर आयोजित इस पहल में राखी को केवल भाई-बहन के स्नेह तक सीमित न रखते हुए प्रकृति के संरक्षण से जोड़ा गया। महिलाओं और ग्रामीणों ने वृक्षों को राखी बांधी और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। हरियाली बचाने के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी है और इसकी शुरुआत आसपास मौजूद पेड़ों की देखभाल से की जा सकती है।

किरावली रेंज में आयोजित कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इसमें हिस्सा लिया। पौधरोपण के साथ वृक्षों को राखी बांधी गई। महिलाओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी की और पेड़ों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यावरण के प्रति लोगों की जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता संदेश दिया गया।
बाह रेंज में भी रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ। वन कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर पौधरोपण किया। महिलाओं ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान ‘वृक्ष है तो रक्षा है’ का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। वन विभाग की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना रहा।
पिनाहट रेंज में आयोजित कार्यक्रम में भी ग्रामीणों की भागीदारी रही। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में पौधरोपण किया गया। लोगों ने वृक्षों को राखी बांधी और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के जरिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
जैतपुर रेंज में भी इसी क्रम में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। वन कर्मियों के साथ स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं शामिल हुईं। पौधरोपण के बाद वृक्षों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
वन विभाग की इस पहल में जन सहभागिता को प्रमुख स्थान दिया गया। अलग-अलग रेंज में स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को केवल विभागीय आयोजन न रहकर सामुदायिक अभियान का रूप दिया। ग्रामीणों और महिलाओं ने पौधरोपण में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी भागीदारी दर्ज कराई। वृक्षों को राखी बांधने के माध्यम से लोगों के सामने संरक्षण का भावनात्मक संदेश भी रखा गया।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। नए पौधों को विकसित होने के लिए देखभाल की आवश्यकता होती है। वहीं पहले से मौजूद वृक्षों को भी सुरक्षित रखना पर्यावरण के लिए जरूरी है। इसी सोच के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर वृक्षों को राखी बांधने की पहल की गई, ताकि लोगों में पेड़ों के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत हो।
रक्षाबंधन पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में रहा। चारों रेंज में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पौधरोपण किया। महिलाओं ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई। वृक्षों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया गया।
‘वृक्ष है तो रक्षा है’ का संदेश इस आयोजन का केंद्र रहा। इसके जरिए लोगों को बताया गया कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। पेड़ों को बचाने और हरियाली बढ़ाने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका है। रक्षाबंधन जैसे पर्व के माध्यम से इस संदेश को लोगों तक सरल और भावनात्मक तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया।
आगरा वन प्रभाग की किरावली, बाह, पिनाहट और जैतपुर रेंज में हुए कार्यक्रमों में संबंधित वन अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं की भागीदारी के साथ पौधरोपण किया गया। वृक्षों को राखी बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर हुई इस पहल ने भाई-बहन के पर्व को हरियाली और प्रकृति की रक्षा के संकल्प से जोड़ दिया।
