आगरा। कागारौल क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक बंद गोदाम में छापेमारी कर 59 बोरियों में रखी 1755 किलोग्राम खेसारी दाल बरामद की। मौके से दो नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि पूरे स्टॉक को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर भवन स्वामी की अभिरक्षा में रखा गया है। विभाग ने दाल पर वैध स्वामित्व का दावा करने वालों से 15 कार्यदिवस के भीतर अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है।

जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और अवैध भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कागारौल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी मनीष बंसल के आदेश तथा उप जिलाधिकारी खैरागढ़ के निर्देशों के अनुपालन में गठित संयुक्त टीम ने ग्राम नगला घुरैला स्थित एक बंद दुकान/गोदाम का ताला खुलवाकर जांच की। कार्रवाई के दौरान गोदाम से 59 बोरियों में रखी कुल 1755 किलोग्राम खेसारी दाल बरामद हुई। विभाग ने दाल के दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए, जबकि पूरे स्टॉक को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया।

संयुक्त टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार, रवीन्द्र सिंह परमार, नायब तहसीलदार खैरागढ़ हरिशंकर दुबे तथा थाना कागारौल के उपनिरीक्षक अनिल कुमार शामिल रहे। टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम नगला घुरैला स्थित एक ताला बंद गोदाम में खेसारी दाल का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची टीम ने विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए गोदाम का ताला खुलवाया और अंदर रखे खाद्यान्न की जांच शुरू की।

जांच के दौरान गोदाम में कुल 59 बोरियां मिलीं। इनमें 58 बोरियों में 30-30 किलोग्राम तथा एक बोरी में 15 किलोग्राम खेसारी दाल भंडारित थी। इस प्रकार गोदाम से कुल 1755 किलोग्राम खेसारी दाल बरामद हुई। विभाग के अनुसार बरामद दाल की अनुमानित बाजार कीमत 1 लाख 40 हजार 400 रुपये आंकी गई है।
नियमानुसार मौके पर उपलब्ध स्टॉक में से दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। शेष संपूर्ण खेसारी दाल को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सीज कर दिया गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक पूरे स्टॉक को भवन स्वामी करण सिंह की अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच पूरी होने तक सामग्री सुरक्षित बनी रहे।
पूछताछ के दौरान भवन स्वामी करण सिंह ने टीम को बताया कि संबंधित गोदाम किराये पर दिया गया था। उनके अनुसार गोदाम में रखी खेसारी दाल के स्वामी अथवा किरायेदार करीम खान, निवासी ग्राम सिंहपुर, थाना रजावली, जनपद फिरोजाबाद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 19 मई को हुई प्रवर्तन कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति दोबारा गोदाम पर नहीं आया। इसी जानकारी को विभाग ने अपने अभिलेखों में दर्ज किया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बरामद स्टॉक के संबंध में सार्वजनिक सूचना भी जारी की है। विभाग ने कहा है कि यदि सीज की गई खेसारी दाल पर किसी व्यक्ति का वैध स्वामित्व अथवा कानूनी दावा है, तो वह इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 15 कार्यदिवस के भीतर अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, रोजगार कार्यालय परिसर, एम.जी. रोड, साईं की तकिया चौराहा, आगरा में उपस्थित होकर दावा प्रस्तुत कर सकता है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि दावा प्रस्तुत करते समय संबंधित व्यक्ति को स्वामित्व अथवा वैध कब्जे से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे। प्राप्त दावों का परीक्षण नियमानुसार किया जाएगा और दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विभाग के अनुसार यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई वैध दावा प्राप्त नहीं होता है अथवा प्राप्त दावों का निस्तारण हो जाने के बाद भी स्टॉक पर किसी का वैध अधिकार सिद्ध नहीं होता, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के अवैध भंडारण, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जिले में नियमित अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में संदिग्ध स्थानों की जांच की जा रही है, ताकि बिना अनुमति अथवा नियमों के विपरीत रखे गए खाद्यान्न की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों के भंडारण और कारोबार में निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बरामद खेसारी दाल की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
