फतेहाबाद। फतेहाबाद क्षेत्र के चर्रपुरा गांव में लंबे समय से गलियों में जलभराव होने से ग्रामीणों में संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा और तहसीलदार बबलेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और बुलडोजर की सहायता से नाले का पानी निकलवाया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया, जबकि प्रशासन ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाला निर्माण कराने का आश्वासन दिया।

थाना क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में लंबे समय से गलियों में जलभराव की समस्या बनी हुई थी। गांव की कई गलियों में लगभग एक-एक फीट तक पानी भरा हुआ था, जिससे संक्रमण और विभिन्न बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया था। जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ प्रशासन से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की थी।

ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा और तहसीलदार बबलेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ गांव पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और गलियों में भरे पानी को निकालने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी। बुलडोजर की सहायता से नाले का रास्ता खोलकर जलनिकासी कराई गई, जिससे गांव में जमा पानी बाहर निकलना शुरू हो गया।

कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया। ग्रामीणों का कहना था कि नाले का ओवरफ्लो पानी उनके खेतों की ओर जा रहा है, जिससे खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। विरोध कर रहे लोग बार-बार बुलडोजर के पास पहुंचकर जलनिकासी कार्य रुकवाने का प्रयास कर रहे थे।

स्थिति को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाया। बाद में तहसील प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में विरोध कर रहे लोगों को समझाकर हटाया गया, जिसके बाद जलनिकासी का कार्य पूरा कराया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि गांव में जलभराव की समस्या नई नहीं है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका कहना था कि गलियों में जमा पानी के कारण मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे गांव में बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में पक्का नाला बनवाकर पानी की निकासी गांव से बाहर कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और खेतों में खड़ी फसल भी सुरक्षित रह सके।
तहसीलदार बबलेश कुमार ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने अपने खेतों की ओर जाने वाले पानी का रास्ता बंद कर दिया था, जिसके कारण गांव की गलियों में जलभराव हो गया था। इससे संक्रमण फैलने और बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। शिकायत मिलने पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की सहायता से पानी की निकासी कराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाला गया पानी किसी किसान के खेत में नहीं छोड़ा गया है, बल्कि उसे सरकारी चकमार्ग की ओर प्रवाहित किया गया है।
तहसीलदार ने बताया कि कुछ लोगों को आशंका थी कि पानी उनके खेतों में जा सकता है, इसी कारण उन्होंने विरोध किया। हालांकि प्रशासन ने मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि पानी किसी भी किसान के खेत या घर की ओर न जाए। उन्होंने कहा कि जलनिकासी की पूरी प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में कराई गई है।
विरोध और ग्रामीणों की शिकायतों को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) फतेहाबाद को भी मौके पर बुलाया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गांव में साफ-सफाई अभियान चलाया जाए और स्थायी समाधान के लिए नाला निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या न रहे।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने बताया कि नाले का पानी खोलने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी दौरान संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में तहसीलदार के साथ वार्ता हुई, जिसमें प्रशासन की ओर से गांव में नाला निर्माण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

