फतेहाबाद। थाना क्षेत्र के गांव मीठपुरा में शुक्रवार दोपहर एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक फतेहाबाद-रिहावली मार्ग पर गिर पड़ा। घटना के समय सड़क से गुजर रहे बाइक सवारों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हादसे में एक बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पेड़ गिरने से विद्युत केबिल भी टूट गई। सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। कई घंटे तक सड़क पर यातायात बाधित रहा, जिसके बाद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर पेड़ हटाकर मार्ग को फिर से चालू कराया।

फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव मीठपुरा में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव में ग्राम प्रधान रामदेव के घर के सामने वर्षों से खड़ा विशाल पीपल का पेड़ अचानक भरभराकर फतेहाबाद-रिहावली मार्ग पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर गुजर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना दोपहर करीब एक बजे की है। उसी समय कुछ बाइक सवार सड़क से गुजर रहे थे। पेड़ गिरता देख उन्होंने तुरंत बाइक छोड़कर छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी। हालांकि पेड़ की चपेट में आने से एक बाइक और पास से गुजर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को नुकसान पहुंचा।
पेड़ गिरने के साथ ही सड़क के ऊपर से गुजर रही विद्युत केबिल भी टूट गई। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ करंट फैलने का खतरा पैदा हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान ने तत्काल विद्युत सबस्टेशन पर सूचना देकर संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति बंद कराई। इससे संभावित बड़ा हादसा टल गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
पेड़ सड़क के बीचोंबीच गिरने से फतेहाबाद-रिहावली मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को कई घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ लोग वैकल्पिक रास्तों से अपने गंतव्य तक पहुंचे, जबकि कई वाहन चालकों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने कुल्हाड़ियों, आरी और अन्य उपकरणों की मदद से पेड़ की शाखाओं को काटना शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में गांव और मुख्य मार्गों के किनारे खड़े पुराने एवं विशाल पेड़ों की समय-समय पर जांच कराई जानी चाहिए। कमजोर हो चुके पेड़ तेज हवा या बारिश के दौरान कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे पेड़ों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। बाइक सवारों की सूझबूझ और समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कराए जाने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। हालांकि सड़क पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहने और वाहन क्षतिग्रस्त होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

