फतेहाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद क्षेत्र में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लघुशंका के लिए सड़क किनारे पीली पट्टी के अंदर खड़ी कार को पीछे से आए अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने साइड से टक्कर मार दी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। सूचना मिलने पर पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची तथा क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात सामान्य कराया।

गुरुवार रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36.500 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक कार को पीछे से आए अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के दौरान कार में मौजूद लोगों की जान बाल-बाल बच गई, जबकि वाहन का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार कार चालक राकेश, निवासी हरिहर नगर कामता, थाना चिनहट, लखनऊ, अपनी ममेरी बहन मुस्कान जायसवाल के साथ लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें लघुशंका के लिए रुकना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा नियमों के अनुसार कार को एक्सप्रेसवे की पीली पट्टी के अंदर खड़ा कर दिया।
इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने कार को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि उस समय कार सवार सतर्क थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की, ताकि एक्सप्रेसवे पर गुजर रहे अन्य वाहनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की सहायता से सड़क से हटवाया गया और कुछ ही देर में यातायात सामान्य कर दिया गया।
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम सोबरन सिंह ने बताया कि सड़क किनारे खड़ी कार में पीछे से आए अज्ञात ट्रक ने टक्कर मारी थी। हादसे में कार को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसमें सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दे दी गई है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन हजारों वाहन तेज गति से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहन रोकते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी कारणवश वाहन रोकना पड़े तो उसे निर्धारित सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के साथ-साथ हैजार्ड लाइट और चेतावनी संकेतों का भी प्रयोग करना चाहिए, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि हादसा केवल वाहन के नुकसान तक सीमित रहा और किसी की जान नहीं गई। समय पर पुलिस और यूपीडा की टीम के पहुंचने से एक्सप्रेसवे पर यातायात भी अधिक देर तक प्रभावित नहीं हुआ।

