आगरा। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने के उद्देश्य से शनिवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर में आयोजित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘सिंदूर’ का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृत्व सम्मान का भाव भी प्रमुखता से उभरा। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देने का सबसे बड़ा माध्यम हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान ललित कला संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक कलाकृति भी उन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की गई। उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करना चाहिए।

वृक्षारोपण के बाद अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी सामाजिक जरूरत बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, घटते हरित क्षेत्र और बदलते मौसम चक्र ने मानव जीवन को सीधे प्रभावित किया है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान भावनात्मक रूप से लोगों को प्रकृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। जिस तरह मां जीवन देती है, उसी तरह पेड़ भी जीवन को सुरक्षित और समृद्ध बनाते हैं।
उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष रूप से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यदि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को अपनी आदत का हिस्सा बना ले, तो आने वाले वर्षों में देश हरित विकास की दिशा में बड़ा बदलाव देखेगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार पौधरोपण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच भी उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पौधरोपण अभियान में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने सामाजिक सहभागिता, प्रकृति संरक्षण और मातृत्व सम्मान का ऐसा संदेश दिया, जिसने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ा।
इस अवसर पर कुलसचिव अजय मिश्रा, प्रोफेसर संतोष बिहारी शर्मा, डॉ. प्रवीण कुमार, प्रमोद शर्मा, पीयूष दुबे सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में हरित भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया।
