सड़क-नाली के काम जल्द पूरे होंगे, उद्योगों की समस्याओं पर डीएम ने दिए सख्त निर्देश
आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बिजली, सड़क, सफाई, अतिक्रमण, ओडीओपी समेत उद्योगों से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने गढ़ी महासिंह सब-स्टेशन, एत्मादपुर से जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से संबंधित प्रकरण की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि फीडर के पास पेड़ों की टहनियां विद्युत लाइनों के संपर्क में आने से लाइन ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। इसके स्थायी समाधान के लिए 15,470 मीटर इंसुलेटेड विद्युत कंडक्टर लगाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

बैठक में दूसरा प्रमुख मुद्दा फाउंड्री नगर स्थित भूमि (कार्यशाला) पर बने सैटेलाइट बस स्टेशन से बसों के संचालन का रहा। क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य सड़क परिवहन निगम, आगरा ने बताया कि फाउंड्री नगर स्थित सैटेलाइट बस स्टेशन से हाथरस-अलीगढ़ की ओर जाने वाली तथा मेरठ, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे मार्गों की करीब 250 बसों का नियमित संचालन किया जा रहा है।
इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए कि बसों के कारण मुख्य मार्गों पर किसी भी स्थिति में जाम नहीं लगना चाहिए। सभी बसों को केवल निर्धारित स्थान पर ही खड़ा कराया जाए। यदि कोई चालक या परिचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए कि सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को सीज किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
बैठक में भगवती बाग, फाउंड्री नगर औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और नाली निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि संबंधित स्थानों पर निर्माण कार्यों की प्रक्रिया जारी है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जल निगम के साथ समन्वय बनाकर सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराए जाएं, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में आवागमन और जल निकासी की समस्या समाप्त हो सके।
एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत आगरा की जरी-जरदोजी को जनपद के चयनित उत्पादों में शामिल कराने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। जिलाधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, जिससे जरी-जरदोजी उद्योग को बढ़ावा मिल सके।

बैठक के दौरान उद्योग बंधु समिति के सदस्यों ने बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई, अतिक्रमण, सड़क मरम्मत, नालों की सफाई सहित कई समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी मामलों में प्रभावी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र सिंह, जिला उद्योग बंधु समिति के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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मंडल की रैंकिंग में सुधार, अब विकास कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
आगरा। आगरा मंडल की आईजीआरएस रैंकिंग में सुधार दर्ज हुआ है। अप्रैल के मुकाबले मई माह में मंडल ने 15वें स्थान से छलांग लगाकर नौवां स्थान हासिल किया है। सोमवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में लघु सभागार में आयोजित मंडलीय आईजीआरएस एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में इसकी समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, विकास योजनाओं में तेजी लाने और लंबित कार्य समय पर पूरे कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक की शुरुआत आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा से हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी शिकायतों में संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क करने का प्रयास करें, ताकि शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय शिकायतों का वास्तविक समाधान किया जाए।
समीक्षा के दौरान मंडलीय स्तर पर विभागवार असंतोषजनक फीडबैक की स्थिति भी सामने रखी गई। सबसे अधिक असंतोषजनक फीडबैक उपनिदेशक पंचायती राज विभाग, सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक शिक्षा), विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग, आबकारी विभाग, श्रम विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग में दर्ज किए गए। मंडलायुक्त ने इन सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। जिन मामलों में शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया, उनकी भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
आईजीआरएस समीक्षा के बाद मंडलीय विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि मथुरा के वृहद गो संरक्षण केंद्र मगोर्रा के लिए दूसरी किश्त जल्द जारी की जाए। साथ ही मंडल के सभी गो संरक्षण केंद्रों में क्षमता के अनुसार गोवंशों को स्थानांतरित करने की कार्रवाई जल्द पूरी की जाए।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा में आगरा जिले के शेष गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम बनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आगरा मंडल के चारों जिलों में शेष अन्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया।
ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि मंडल के सात ऐसे विद्यालय, जहां अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बनी है, वहां जल्द बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा आगरा, मथुरा और मैनपुरी के कुल 1028 विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि बजट मिलने के बाद लाभार्थियों को भुगतान शुरू हो गया है। हालांकि मथुरा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी को एक नोडल अधिकारी नामित कर सभी लंबित भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि मंडल में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी पात्र लाभार्थियों को पहली किश्त शत-प्रतिशत जारी की जाए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी वित्त पोषण योजना के तहत सभी जिलों में लाभार्थियों के लिए मार्जिन मनी जल्द जारी करने को भी कहा गया।
रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना की समीक्षा में सामने आया कि डीएससी स्तर पर 153 प्रकरण लंबित हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए। साथ ही नोडल पुलिस अधिकारी और मेडिकल ऑफिसर स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। रिक्त उचित दर की दुकानों के स्थान पर नई दुकानों के चयन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम लोगों को राशन वितरण में किसी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी आगरा मनीष कुमार बंसल, जिलाधिकारी मैनपुरी इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी मथुरा सी.पी. सिंह, जिलाधिकारी फिरोजाबाद संतोष कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी आगरा प्रतिभा सिंह सहित सभी मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।

