उद्योगों को तकनीक और नई नीति से जोड़ने पर जोर, रोजगार बढ़ाने की तैयारी
आगरा की विरासत से विकास तक का रोडमैप तैयार, छोटे उद्योगों के लिए उठी मजबूत आवाज
आगरा। आगरा में लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस समारोह में शहर के औद्योगिक भविष्य, MSME सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत को लेकर व्यापक मंथन हुआ। “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” थीम के तहत जूता एवं लेदर, पेठा, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री, जरी-जरदोजी, गारमेंट और फूड प्रोसेसिंग जैसे प्रमुख उद्योगों की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यदि पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, निर्यात प्रोत्साहन और बेहतर नीतियों से जोड़ा जाए तो आगरा देश के सबसे बड़े MSME मॉडल के रूप में उभर सकता है।

उद्योगों को नई दिशा देने पर हुआ मंथन
आगरा के अतिथि वन में रविवार को लघु उद्योग भारती द्वारा 33वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” रहा। कार्यक्रम में शहर के पारंपरिक और आधुनिक उद्योगों की उपलब्धियों, चुनौतियों, संभावनाओं और आत्मनिर्भर भारत में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू और उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री राकेश गर्ग ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और भगवान विश्वकर्मा एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर हुई। इसके बाद संगठन के 33 वर्षों के सफर, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में MSME सेक्टर की भूमिका पर विशेष प्रस्तुति दी गई।
MSME को बताया देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़
जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने स्वागत भाषण में कहा कि लघु उद्योग भारती पिछले 33 वर्षों से राष्ट्रहित, उद्योगहित और समाजहित के भाव से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को संगठित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1993-94 के आर्थिक उदारीकरण के दौर में जब छोटे उद्योग संघर्ष कर रहे थे, तब राष्ट्रवादी सोच से प्रेरित उद्यमियों ने लघु उद्योग भारती की स्थापना की थी। आज यह संगठन देश के 27 राज्यों और सैकड़ों जिलों में सक्रिय होकर 70 हजार से अधिक उद्योग सदस्यों की आवाज बन चुका है।
उन्होंने बताया कि देश में लघु उद्योग मंत्रालय की स्थापना और MSME क्षेत्र को स्वतंत्र पहचान दिलाने में भी संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान पहली बार लघु उद्योग मंत्रालय को मजबूत स्वरूप मिला और वसुंधरा राजे ने प्रथम केंद्रीय मंत्री के रूप में इसकी जिम्मेदारी संभाली।
आगरा के उद्योगों को तकनीक से जोड़ने पर जोर
मुख्य अतिथि जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार MSME और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “विरासत से विकास तक” की थीम आगरा की वास्तविक औद्योगिक पहचान को दर्शाती है।
कार्यक्रम में आगरा के उद्यमियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि TTZ की बाध्यताओं और उद्योगों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए लघु उद्योग भारती लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक संगठन नहीं बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक विचारधारा का आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता की ओर आगे आने का आह्वान किया और MSME को भारत की आर्थिक शक्ति बताया।
जूता, पेठा और हैंडीक्राफ्ट उद्योगों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर विशेष परिचर्चा भी आयोजित की गई। इसमें शहर के प्रमुख उद्योगों जूता एवं लेदर, पेठा उद्योग, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग और अन्य MSME क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि आगरा केवल ऐतिहासिक विरासत की नगरी नहीं बल्कि उद्यमिता, कौशल और स्वदेशी उत्पादन की एक बड़ी पहचान भी है। उन्होंने कहा कि यदि पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर नीतिगत सहयोग, निर्यात प्रोत्साहन और नवाचार से जोड़ा जाए तो आगरा देश के सबसे बड़े MSME मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल औद्योगिक संगठन नहीं बल्कि आर्थिक चेतना का सशक्त मंच है। कार्यक्रम में ब्रज प्रांत अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, प्रदेश सचिव गौरव मित्तल, ब्रज प्रांत महासचिव अमलेन्द्र, राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल मौजूद रहे।
कार्यक्रम प्रभारी CA आलोक अग्रवाल ने सभी अतिथियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक CA नितेश गुप्ता, महासचिव राजीव बंसल और कोषाध्यक्ष संजीव जैन ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में संजीव अग्रवाल, ऋषि नंद, नवदीप अग्रवाल, अरविंद शुक्ला, CA निखिल गुप्ता, शैलेश अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, विशाल सिंगल, संजय गोयल, मोहित, अभिनव रस्तोगी, राजीव मोदी, शिव बहादुर सिंह, आलोक आर्य, गोविंद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, विकास चौबे, प्रवीण अग्रवाल, अमित बंसल, अर्जुन गुप्ता, सौरभ गुप्ता, शिविर जैन, CS अनुज अशोक, समक्ष जैन और पुनीत अग्रवाल सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

