आगरा। भीषण गर्मी और उमस के बीच सोमवार को शहर देश का छठा सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से दिनभर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि शाम को तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने राहत दिलाई। मौसम विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट आने और भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ शहर देश का छठा सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान के श्रीगंगानगर, फलोदी, हरियाणा के रोहतक और हिसार तथा दिल्ली के बाद यहां सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। दिनभर तेज धूप और उमसभरी गर्मी के कारण बाजारों में चहल-पहल कम रही और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।
सुबह मौसम कुछ बदला हुआ नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और हवा भी चलती रही, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी। लेकिन दोपहर होते-होते मौसम ने फिर करवट ली। हवा लगभग थम गई और तेज धूप निकल आई। सूरज की तपिश इतनी तीखी थी कि कुछ मिनट खुले में खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया। गर्म हवा और नमी ने उमस को और बढ़ा दिया, जिससे लोगों का पसीना लगातार बहता रहा।
शाम करीब पांच बजे के बाद मौसम ने अचानक राहत भरा रुख अपनाया। तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं और ट्रांसयमुना, रामबाग सहित कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन ठंडी हवा के कारण तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई। दिनभर की तपिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और शाम के समय पार्कों व सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई।

पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 27 जून को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस, 26 जून को 43 डिग्री और 28 जून को 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लगातार कई दिनों से 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना तापमान सामान्य जनजीवन पर असर डाल रहा है। बिजली की खपत बढ़ गई है और कूलर तथा एयर कंडीशनर का उपयोग भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय केवल तापमान ही परेशानी का कारण नहीं है, बल्कि हवा में नमी बढ़ने से उमस लोगों को अधिक परेशान कर रही है। सुबह और शाम के समय भी राहत महसूस नहीं हो रही। एसी या कूलर से बाहर निकलते ही पसीना आने लगता है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के असर से अगले कुछ दिनों में मौसम बदलने की संभावना है। विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून को अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 1 जुलाई को भी अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री और 2 जुलाई तक इसके 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। यदि बारिश का दौर लगातार बना रहा तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारिश सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं होगी। कुछ स्थानों पर केवल तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी का असर बाजारों और कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहीं, जबकि ठंडे पेय पदार्थ, फलों के रस, नारियल पानी और आइसक्रीम की बिक्री में तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और गर्मी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने तक गर्मी और उमस पूरी तरह खत्म नहीं होगी। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचना, हल्के सूती कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
फिलहाल सोमवार शाम की हल्की बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि वास्तविक राहत अगले कुछ दिनों में आंधी और बारिश का दौर सक्रिय होने के बाद मिलेगी। यदि पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून से 4 जुलाई तक बारिश होती है तो लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

