फतेहाबाद। फतेहाबाद तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर महापंचायत आयोजित की गई। सैकड़ों किसान धरने में शामिल हुए और क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में तहसीलदार के आश्वासन के बाद सात घंटे तक चला धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।

तहसील फतेहाबाद क्षेत्र के किसानों की प्रमुख समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले मंगलवार को तहसील परिसर में महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान में देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर पहुंचे, जहां महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी और उनके जल्द समाधान की मांग की।

तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने कहा कि इससे पहले भी तहसील क्षेत्र के किसानों की प्रमुख समस्याओं से उपजिलाधिकारी फतेहाबाद और तहसीलदार फतेहाबाद को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे किसानों में नाराजगी है।
उन्होंने किसानों की समस्याओं को गिनाते हुए बताया कि ग्राम पंचायत पारोली सिकरवार में लंबित चकबंदी को निरस्त किया जाए। ग्राम पंचायत नगला हाजी के उपग्राम चर्रपुरा में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाले की खुदाई कराई जाए और किसानों के खेतों में पानी जाने से रोका जाए।
इसके अलावा धिमिश्री ग्राम पंचायत में लंबे समय से बंद पड़ी सरकारी पानी की टंकी को सुचारू रूप से चालू करने, श्मशान घाट पर बाउंड्री वॉल बनवाकर उसे दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने और शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम शेखूपुर तथा झारपुरा में पुनः तालाब का निर्माण कराए जाने की मांग भी महापंचायत में प्रमुख रूप से उठाई गई।
महापंचायत के दौरान कानूनगो अयोध्या प्रसाद द्वारा तहसील अध्यक्ष के साथ कथित अभद्रता किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने उनके निलंबन की मांग की। इसके साथ ही तहसील क्षेत्र के कुछ लेखपालों द्वारा किसानों के उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों पर भी कार्रवाई की मांग अधिकारियों से की गई।
जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन आज किसान अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए धरने पर बैठने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
तहसील प्रवक्ता गोविंद सैंथिया ने कहा कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश का भाग्यविधाता भी है। उन्होंने कहा कि किसानों की शालीनता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए और यदि प्रशासन ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो संगठन चक्का जाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
महापंचायत के दौरान रामलाल वर्मा, छोटेलाल रघुवंशी, भारत सिंह वर्मा, नत्थीलाल, जंतर सिंह, सुरेश वर्मा, वासुदेव वर्मा, लोकेश जादौन, नरेंद्र चौहान, अशोक वर्मा, मुन्नालाल वर्मा सहित मातृशक्ति और सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने बताया कि महापंचायत के दौरान बीडीओ फतेहाबाद और शमशाबाद मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। हालांकि शाम तक जलनिगम और चकबंदी विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे किसानों और संगठन पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद धरना प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन करने का ऐलान किया गया।
उन्होंने बताया कि इसी बीच तहसीलदार फतेहाबाद बबलेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। तहसीलदार ने किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब सात घंटे से चल रहे धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।

