आगरा: व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को लेकर जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के मिष्ठान/पेठा व्यवसायियों तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिसके समाधान के लिए प्रशासन और संबंधित कंपनियों के अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को आ रही गैस आपूर्ति संबंधी दिक्कतों का स्थायी और व्यावहारिक समाधान तलाशना रहा।

व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि जनपद आगरा टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में आता है, जहां ईंधन के रूप में केवल प्राकृतिक गैस के उपयोग की अनुमति है। ऐसे में व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण उनके कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से मिष्ठान एवं पेठा उद्योग इससे प्रभावित हो रहा है, जिससे उत्पादन और सप्लाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
इस पर बैठक में मौजूद आयल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों ने जानकारी दी कि वर्तमान में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगाई गई है। इस कारण मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद ही व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति संभव हो सकेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और उनकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
वहीं ग्रीन गैस लिमिटेड के डीजीएम ने बताया कि जहां-जहां उनकी पाइपलाइन बिछी हुई है, वहां पंजीकरण कराने के बाद सर्वे किया जाएगा और उसके उपरांत प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे व्यापारियों को सिलेंडर की निर्भरता से राहत मिलेगी और उन्हें स्थायी गैस आपूर्ति का विकल्प मिलेगा।
जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर प्रशासन), व्यापार मंडल के प्रतिनिधि, आयल कंपनियों के विक्रय प्रबंधक तथा ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक व्यापारियों के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है, क्योंकि पाइपलाइन आधारित गैस कनेक्शन से न केवल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में गैस संकट की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो सकेगी।

