अमेरिका ने श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबाया
101 नौसैनिक लापता, 78 घायल, 32 गंभीर रूप से घायल
इजराइल-ईरान युद्ध 2026: तनाव और सैन्य कार्रवाई जारी
तेल अवीव/तेहरान।अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर में बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया। भारत से लौट रहा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हमले के बाद डूब गया। श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 32 घायलों को समुद्र से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे और कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने पुष्टि की कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। हेगसेथ ने कहा, “आज अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी जहाज को टॉरपीडो से डुबो दिया। उसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है, लेकिन उसे मार गिराया गया।” उन्होंने दावा किया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी पनडुब्बी ने इस तरह किसी जहाज को डुबोया है।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि डुबोया गया जहाज “सुलेमानी” नाम से जाना जाता था, जिसका नाम ईरान के जनरल Qasem Soleimani पर रखा गया था। कासिम सोलेमानी को 2020 में अमेरिका ने ड्रोन हमले में मार गिराया था। हेगसेथ ने तंज कसते हुए कहा, “लगता है राष्ट्रपति ट्रम्प ने सुलेमानी को दो बार मार दिया।”
श्रीलंका नौसेना के कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समयानुसार) मदद का संदेश मिला। जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किमी) दूर था। जब नौसेना मौके पर पहुंची तो जहाज समुद्र में डूब चुका था। समुद्र की सतह पर तेल के धब्बे, लाइफ राफ्ट और पानी में तैरते कई लोग दिखाई दिए। अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं।
यह युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर ईरान लौट रहा था। श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जहाज भारत के एक पूर्वी बंदरगाह से कार्यक्रम में शामिल होकर वापस जा रहा था, तभी हिंद महासागर में उस पर हमला हुआ।
इस बीच अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों में उल्लेखनीय कमी आई है। उनके मुताबिक युद्ध के पहले दिन की तुलना में बैलिस्टिक मिसाइल फायरिंग में 86% कमी आई है, जबकि पिछले 24 घंटों में इसमें 23% गिरावट दर्ज की गई। ईरान के वन-वे अटैक ड्रोन लॉन्च में भी शुरुआती दिनों की तुलना में 73% कमी आई है।
The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अमेरिका को गुप्त रूप से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने CIA से अप्रत्यक्ष संपर्क कर संघर्ष खत्म करने पर चर्चा की पेशकश की। हालांकि वॉशिंगटन में इस पहल को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के लिए बातचीत शुरू करने का समय निकल चुका है और उसकी सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
हेगसेथ ने यह भी दावा किया कि ट्रम्प की हत्या की कथित साजिश रचने वाले ईरानी यूनिट के नेता को मार गिराया गया है। हालांकि उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक ईरानी नागरिक पर ट्रम्प की हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। ईरान ने जनवरी 2025 में इन आरोपों को खारिज किया था।
ईरान में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 160 से ज्यादा लोगों की मौत के मामले में अमेरिका ने जांच शुरू की है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका आमतौर पर नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाता, लेकिन घटना की समीक्षा की जा रही है।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक हमलों के बाद देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,045 हो गई है। दूसरी ओर इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले फिर शुरू कर दिए हैं और नागरिकों को लितानी नदी के उत्तर में जाने की चेतावनी दी है। इजराइल के वित्त मंत्रालय के अनुसार युद्ध से देश को हर सप्ताह करीब 2.9 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
NATO ने तुर्किये की ओर बढ़ रही ईरानी मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम से इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की और ईरान की निंदा की। इस बीच अमेरिका ने कतर में अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का समारोह लॉजिस्टिक कारणों से टाल दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

