- ब्रज के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर वीवीआईपी दौरे को लेकर पहले से बढ़ी गतिविधियां
- कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा
- दौरे के दौरान पूरे क्षेत्र में व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई गई
मथुरा। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का तीन दिवसीय मथुरा दौरा अंतिम दिन गोवर्धन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आगे बढ़ा, जहां उन्होंने दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना, 21 किलोमीटर की परिक्रमा और मानसी गंगा में पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल, मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अंत में उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सेना के हेलीकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का तीन दिवसीय धार्मिक दौरा अपने अंतिम चरण में गोवर्धन पहुंचने के साथ विशेष रूप से केंद्रित रहा, जहां उन्होंने परंपरागत धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गोवर्धन पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर में गिर्राज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित कर राष्ट्रपति के कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराया गया।

दानघाटी मंदिर में पूजा के बाद राष्ट्रपति ने गोवर्धन की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा शुरू की। यह परिक्रमा धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसे पूरा करने के दौरान प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय रही। मार्ग में साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए थे, जिससे पूरे मार्ग पर व्यवस्था बनी रही।

परिक्रमा पूर्ण करने के पश्चात राष्ट्रपति ने मानसी गंगा पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। यहां उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनके साथ मौजूद रहीं। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के समापन पर एक संक्षिप्त औपचारिक आयोजन किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, राज्यमंत्री संदीप सिंह और जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इसके बाद राष्ट्रपति गोवर्धन स्थित सेना के हेलिपैड पहुंचीं, जहां से वह सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुईं। हेलिपैड पर उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने औपचारिक विदाई दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी गई।
राष्ट्रपति के इस दौरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। शहर और गोवर्धन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया था, जिससे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। स्थानीय स्तर पर सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी दुरुस्त किया गया था।
राष्ट्रपति के दौरे के चलते पूरे क्षेत्र में विशेष सक्रियता देखने को मिली और प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मुस्तैद रहा। धार्मिक आस्था, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के समन्वय के साथ यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें सभी विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण रही

