- व्यावसायिक गैस सिलेंडर आपूर्ति पर नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश
- जमाखोरी और डायवर्जन रोकने के लिए प्रशासन सख्त
- अति आवश्यक और आवश्यक सेवाओं के लिए अलग-अलग आपूर्ति सीमा तय
आगरा। आगरा में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए नई गाइडलाइन लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत अति आवश्यक सेवाओं को 20 प्रतिशत और आवश्यक सेवाओं को 10 प्रतिशत तक आपूर्ति मिलेगी, साथ ही जमाखोरी और डायवर्जन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को आ रही कठिनाइयों को दूर करना था।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों से आपूर्ति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा व्यावसायिक उपभोक्ताओं को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी अति आवश्यक सेवाओं की है, जिसमें चिकित्सालय, शैक्षिक संस्थान, रेलवे आदि शामिल हैं, जबकि दूसरी श्रेणी आवश्यक सेवाओं की है, जिसमें रेस्तरां, होटल, ढाबा, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान आते हैं।
मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार अति आवश्यक सेवाओं के उपभोक्ताओं को उनके तीन माह के औसत उपभोग का 20 प्रतिशत तथा आवश्यक सेवाओं के उपभोक्ताओं को तीन माह के औसत उपभोग का 10 प्रतिशत तक व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत आपूर्ति को नियंत्रित और संतुलित किया जाएगा, ताकि सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके। उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता का तीन माह में कुल उपभोग 30 सिलेंडर है, तो उसका मासिक औसत 10 सिलेंडर होगा, जिसके आधार पर अति आवश्यक सेवाओं के लिए 2 सिलेंडर प्रतिमाह की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी कार्यवाही समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जमाखोरी और डायवर्जन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ऑयल कंपनियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आपूर्ति प्रणाली को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर अब एक सख्त और व्यवस्थित प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके।

