आगरा। बारिश की फुहारों के बीच रविवार को ब्रिक्स देशों के चीफ जस्टिस समेत 10 से अधिक देशों के 65 सदस्यीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल ने ताजमहल और आगरा किले का भ्रमण किया। छाता लेकर ताजमहल पहुंचे विदेशी मेहमानों ने बारिश के बीच स्मारक की खूबसूरती, स्थापत्य कला और बारीक नक्काशी को करीब से देखा। ताजमहल के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। दिल्ली में चार से छह सितंबर तक आयोजित ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम में शामिल होने के बाद प्रतिनिधिमंडल आगरा पहुंचा था। दल में रूस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया समेत 10 से अधिक देशों के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल रहे।
रविवार को आगरा पहुंचे इस अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल के लिए ताजमहल का दीदार खास अनुभव रहा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच जब विदेशी मेहमान ताजमहल पहुंचे तो मौसम सुहाना हो चुका था। हाथों में छाते लिए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य स्मारक परिसर में पहुंचे और अलग-अलग स्थानों से ताजमहल की खूबसूरती को निहारा। बारिश के कारण ताजमहल का सफेद संगमरमर और आसपास का वातावरण और भी आकर्षक नजर आया। विदेशी मेहमान स्मारक की स्थापत्य कला और नक्काशी को ध्यान से देखते रहे। कई सदस्य ताजमहल के साथ तस्वीरें लेते हुए भी नजर आए।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ताजमहल परिसर में काफी समय बिताया। उन्होंने स्मारक की वास्तुकला, गुंबद, संगमरमर पर की गई नक्काशी और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी ली। बारिश के बावजूद विदेशी मेहमानों का उत्साह कम नहीं हुआ। छाते के सहारे वे स्मारक परिसर में घूमते रहे और ताजमहल के अलग-अलग हिस्सों को देखा। आगरा का मौसम भी रविवार को उनके लिए अनुकूल रहा। बारिश के कारण गर्मी और उमस कम थी, जिससे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सुहाने मौसम के बीच स्मारकों का भ्रमण किया।
ताजमहल देखने के बाद प्रतिनिधिमंडल आगरा किले पहुंचा। यहां भी सदस्यों ने मुगलकालीन स्थापत्य और ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देखा। आगरा किला अपनी विशाल संरचना, लाल बलुआ पत्थर की इमारतों और ऐतिहासिक महत्व के कारण विदेशी मेहमानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रतिनिधिमंडल ने किले के प्रमुख हिस्सों का भ्रमण किया और इसके इतिहास तथा वास्तुकला के बारे में जानकारी प्राप्त की। ताजमहल और आगरा किले के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिनिधिमंडल के आगरा दौरे को देखते हुए दोनों स्मारकों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
यह प्रतिनिधिमंडल भारत में आयोजित ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम में हिस्सा लेने आया था। भारत की अध्यक्षता में चार से छह सितंबर तक नई दिल्ली में फोरम का आयोजन किया गया। इसकी मेजबानी भारत के सुप्रीम कोर्ट ने की। फोरम में ब्रिक्स देशों और सहभागी देशों के मुख्य न्यायाधीशों के साथ वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। तीन दिन तक चले इस आयोजन में अलग-अलग देशों की न्याय व्यवस्था और न्यायिक सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

फोरम की बैठकों में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने, कानून के शासन, न्यायिक सहयोग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने न्यायिक अनुभव साझा किए। बदलते दौर में न्याय व्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर भी विचार रखे गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक सहयोग को मजबूत करने और विभिन्न देशों की न्याय प्रणालियों के बीच अनुभव साझा करने पर जोर दिया गया।
ब्रिक्स देशों के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों का यह दौरा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहा। नई दिल्ली में न्यायिक विषयों पर चर्चा के बाद आगरा में दुनिया के चर्चित स्मारकों का भ्रमण प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ताजमहल दुनिया के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में शामिल है और हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अलग-अलग देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों का ताजमहल देखना आगरा के लिए भी खास अवसर रहा।

प्रतिनिधिमंडल में रूस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया समेत 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इनमें मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी भी रहे। अलग-अलग देशों से आए इन मेहमानों ने भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा। ताजमहल की खूबसूरती ने प्रतिनिधिमंडल का ध्यान आकर्षित किया। बारिश के कारण ताजमहल परिसर का दृश्य भी अलग नजर आया। संगमरमर की चमक, हरियाली और बारिश का वातावरण विदेशी मेहमानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
ताजमहल के भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने स्मारक के साथ तस्वीरें भी लीं। कई सदस्यों ने ताजमहल को अलग-अलग स्थानों से कैमरे में कैद किया। बारिश के बीच छाता लेकर स्मारक को निहारते विदेशी मेहमानों का दृश्य भी लोगों के लिए आकर्षण का विषय रहा। इसके बाद आगरा किले का दौरा कर प्रतिनिधिमंडल ने आगरा की ऐतिहासिक विरासत के दूसरे महत्वपूर्ण केंद्र को भी देखा।
ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम के लिए भारत आए इस प्रतिनिधिमंडल का आगरा दौरा शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान से भी जुड़ा रहा। आगरा लंबे समय से विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। ताजमहल और आगरा किला दोनों ही विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले विशिष्ट अतिथि भी आगरा पहुंचकर इन स्मारकों का भ्रमण करते रहे हैं। इस बार ब्रिक्स देशों और सहभागी देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के आगरा पहुंचने से शहर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा।
रविवार को बारिश ने जहां शहर के लोगों के लिए कुछ परेशानी पैदा की, वहीं विदेशी मेहमानों के लिए यही बारिश आगरा यात्रा को अलग अनुभव दे गई। ठंडे मौसम में ताजमहल का दीदार करने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मौसम का आनंद भी लिया। ताजमहल और आगरा किले के भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आगरा की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को करीब से जाना।
इस दौरे के जरिए न्यायिक सहयोग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन और भारत की सांस्कृतिक विरासत एक ही यात्रा में दिखाई दी। नई दिल्ली में न्याय व्यवस्था, कानून के शासन, न्यायिक सहयोग और आधुनिक तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आगरा में भारत की ऐतिहासिक विरासत का अनुभव किया। बारिश के बीच ताजमहल का दीदार, उसके साथ तस्वीरें और आगरा किले का भ्रमण 65 सदस्यीय दल के आगरा दौरे की प्रमुख झलकियां रहीं।
