53 माइनर और 13 मेजर ब्रिज तैयार, नानपुर में बनेगा नया क्रॉसिंग स्टेशन
आगरा। आगरा मंडल में भांडई-कीठम बाईपास लाइन के निर्माण से रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। मथुरा-झांसी तृतीय लाइन परियोजना के अंतर्गत करीब 26.5 किलोमीटर लंबी भांडई-कीठम बाईपास लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसका करीब 82 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत 57 में से 53 माइनर ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 18 मेजर ब्रिज के सभी सब-स्ट्रक्चर तैयार हो चुके हैं और 13 मेजर ब्रिज के सुपर-स्ट्रक्चर भी पूरे किए जा चुके हैं। भांडई-कीठम के बीच नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है।

आगरा मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह एवं मंडल रेल प्रबंधक, आगरा गगन गोयल के मार्गदर्शन में आगरा मंडल में अधोसंरचना विकास कार्यों को गति दी जा रही है। रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों की सुविधाओं में सुधार तथा सुरक्षित एवं सुगम रेल संचालन के उद्देश्य से मंडल में विभिन्न महत्वपूर्ण अधोसंरचना कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मथुरा-झांसी तृतीय लाइन परियोजना के तहत भांडई-कीठम बाईपास लाइन का निर्माण किया जा रहा है। यह लाइन करीब 26.5 किलोमीटर लंबी है। मथुरा-झांसी तृतीय रेल लाइन परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5,960.76 करोड़ रुपये है। बाईपास लाइन के बनने से आगरा क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने के साथ ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बाईपास लाइन के निर्माण कार्य में अब तक 38.65 लाख घन मीटर अर्थवर्क पूरा किया जा चुका है। परियोजना के तहत कुल 57 माइनर ब्रिज में से 53 माइनर ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है। इसके अलावा 18 मेजर ब्रिज के सभी सब-स्ट्रक्चर का कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें से 13 मेजर ब्रिज के सुपर-स्ट्रक्चर भी तैयार हो चुके हैं। परियोजना में पांच OWG गर्डर की फैब्रिकेशन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांग को भी ध्यान में रखा गया है।

संजय कुमार गौतम ने बताया कि परियोजना में पुलों की संख्या प्रारंभिक तौर पर 37 रखी गई थी, जिसे स्थानीय आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांग के आधार पर बढ़ाकर 75 कर दिया गया है। भांडई-कीठम के बीच नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है। इस स्टेशन के तैयार होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की क्रॉसिंग की सुविधा बेहतर होगी और परिचालन प्रबंधन को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इससे ट्रेनों के आवागमन को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
बाईपास लाइन के निर्माण के लिए करीब 161 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए अब तक 540.20 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। परियोजना के एलाइनमेंट में 5,094 पेड़ प्रभावित हुए हैं। पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन में प्रत्येक प्रभावित पेड़ के बदले दस गुना पौधरोपण किया गया है। वन विभाग, आगरा के सहयोग से कुल 50,940 पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए किए गए पौधरोपण का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि 31 दिसंबर 2026 है। बाईपास लाइन के पूरा होने के बाद मथुरा-झांसी तृतीय लाइन की परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। इससे आगरा क्षेत्र के मौजूदा रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन दबाव को कम करने और रेल यातायात को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होने से मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए भी बेहतर क्षमता मिलेगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।

बाईपास लाइन का सीधा लाभ दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों के आवागमन को बेहतर बनाने में भी मिलेगा। मौजूदा रेल मार्ग पर परिचालन दबाव कम होने से ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। वहीं नानपुर क्रॉसिंग स्टेशन शुरू होने के बाद ट्रेनों की क्रॉसिंग और संचालन प्रबंधन की सुविधा बेहतर होगी। परियोजना पूरी होने पर आगरा क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता बढ़ने के साथ यात्रियों को बेहतर, सुगम और सुविधाजनक रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।
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धौलपुर यार्ड री-मॉडलिंग से आगरा के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, 14 ट्रेनें होंगी रेगुलेट
धौलपुर स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग, प्री एनआई और एनआई कार्य के चलते आगरा से गुजरने और आगरा कैंट व राजा की मंडी स्टेशन पर ठहरने वाली 14 ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। इन ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में 15 से 60 मिनट तक रेगुलेट किया जाएगा। सबसे अधिक असर 15 और 16 सितंबर को रहेगा। ऐसे में आगरा से यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की वास्तविक स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
आगरा रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि धौलपुर-गढ़ी सांद्रा, धौलपुर-सिरमथुरा रेलखंड के बीच 18 किलोमीटर में गेज कन्वर्जन कार्य के तहत धौलपुर स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग, प्री एनआई और एनआई का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते आगरा से संबंधित ट्रेनों को निर्धारित समय से अतिरिक्त समय तक रेगुलेट किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 22868 हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस को 9 और 16 सितंबर को 20 मिनट, 19326 अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस को 10 सितंबर को 20 मिनट और 11078 जम्मू तवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस को 9, 10, 11, 15 व 17 सितंबर को 15 मिनट तथा 16 सितंबर को 60 मिनट रेगुलेट किया जाएगा। ट्रेन संख्या 20424 फिरोजपुर कैंट-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस 8, 9, 10, 14 व 16 सितंबर को 15 मिनट और 15 सितंबर को 60 मिनट रेगुलेट रहेगी। 22126 अमृतसर-नागपुर एसी सुपरफास्ट 14 सितंबर को 20 मिनट प्रभावित होगी।
15 सितंबर को 11808 आगरा कैंट-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी मेमू 60 मिनट, 18478 कलिंग उत्कल 50 मिनट, 12716 सचखंड 35 मिनट, 12190 महाकौशल 20 मिनट, 12807 समता 45 मिनट, 12147 सुपरफास्ट 35 मिनट, 12651 तमिलनाडु संपर्क क्रांति 30 मिनट, 18237 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 20 मिनट और 22199 सुशासन एक्सप्रेस 20 मिनट रेगुलेट रहेगी। 11808 मेमू आगरा कैंट पर निर्धारित रूप से 14:00 बजे पहुंचकर 14:40 बजे रवाना होती है। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की वास्तविक रनिंग स्थिति अवश्य जांच लें।

